1787326859210 - घूस मामले में पकड़े गए लेखपाल उत्कर्ष दीप के समर्थन में उतरे जिलेभर के लेखपाल, सदर तहसील में दिया धरना।

घूस मामले में पकड़े गए लेखपाल उत्कर्ष दीप के समर्थन में उतरे जिलेभर के लेखपाल, सदर तहसील में दिया धरना।

अयोध्या उत्तर प्रदेश

घूस मामले में पकड़े गए लेखपाल उत्कर्ष दीप के समर्थन में उतरे जिलेभर के लेखपाल, सदर तहसील में दिया धरना।

1787326859210 - घूस मामले में पकड़े गए लेखपाल उत्कर्ष दीप के समर्थन में उतरे जिलेभर के लेखपाल, सदर तहसील में दिया धरना।

अयोध्या।

अयोध्या जिले में रिश्वतखोरी के आरोप में एंटी करप्शन टीम द्वारा पकड़े गए लेखपाल उत्कर्ष दीप के समर्थन में जिलेभर के लेखपाल एकजुट हो गए हैं। लेखपाल संघ के आह्वान पर शुक्रवार को जनपद के समस्त लेखपालों ने सदर तहसील परिसर में एकत्रित होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। संघ ने पूरे मामले को दुर्भावना पूर्ण साजिश बताते हुए लेखपाल के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई को तत्काल वापस लेने और उन्हें ससम्मान सेवा में बहाल करने की पुरजोर मांग की है।

धरना दे रहे लेखपाल संघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि सोहावल तहसील के कैलपारा गांव में तैनात लेखपाल उत्कर्ष दीप पूरी तरह निर्दोष हैं और उन्हें सोची-समझी साजिश के तहत ट्रैप कराया गया है। संघ के प्रतिनिधियों का दावा है कि लेखपाल ने किसी प्रकार की रिश्वत की मांग नहीं की थी, बल्कि संबंधित फाइल के भीतर जबरन नकदी रखकर उन्हें फंसाने का प्रयास किया गया।

सदर तहसील में जुटे लेखपालों ने प्रशासन के समक्ष प्रमुख मांगें रखी हैं:

दंडात्मक कार्रवाई की वापसी: लेखपाल उत्कर्ष दीप के विरुद्ध दर्ज मुकदमा व विभागीय कार्रवाई तत्काल निरस्त कर उन्हें पूर्ण सम्मान के साथ सेवा में बहाल किया जाए।

अन्य लेखपालों पर दर्ज मामले वापस हों: जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लेखपालों के विरुद्ध पूर्व में की गई उत्पीड़नात्मक व दंडात्मक कार्रवाइयों को भी तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए।

लेखपाल संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता और निर्दोष लेखपाल को न्याय नहीं मिलता, तब तक सदर तहसील परिसर में यह धरना-प्रदर्शन अनवरत जारी रहेगा।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने सोहावल क्षेत्र में जमीन की पैमाइश कराने के एवज में ₹10,000 की कथित रिश्वत लेते हुए लेखपाल उत्कर्ष दीप को रंगे हाथों पकड़ने का दावा किया था, जिसके बाद यह प्रशासनिक व कानूनी विवाद गरमा गया है।

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