श्रीराम मंदिर में लागू होगी सेना जैसी कार्यप्रणाली, कर्मचारियों की बनेगी ‘डिजिटल कुंडली’ चढ़ावा चोरी के बाद सख्त हुए CEO जितेंद्र मिश्र।

अयोध्या।
अयोध्या श्रीरामनगरी में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर की सुरक्षा और आंतरिक व्यवस्था को अधिक अनुशासित व पारदर्शी बनाने के लिए अब सेना जैसी कार्यप्रणाली लागू की जा रही है। राम मंदिर में हाल ही में हुई चढ़ावा चोरी की घटना के बाद, ट्रस्ट के नए सीईओ एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र ने कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। इसके तहत एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है, जिसमें ट्रस्ट के प्रत्येक कर्मचारी का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड (डिजिटल कुंडली) दर्ज होगा। इसमें कर्मचारी की नियुक्ति, ड्यूटी, तैनाती और जिम्मेदारी का पूरा विवरण सुरक्षित रहेगा, जिससे काम की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी।
परिसर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए सभी कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन, चरित्र प्रमाण पत्र और पारिवारिक ब्योरा अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना कोई भी कर्मचारी मंदिर सेवा में नहीं रह सकेगा। निगरानी तंत्र को मजबूत करने के लिए परिसर में लगभग 40 नए स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। साथ ही, फेस रीडिंग (चेहरा पहचान तकनीक) से हाजिरी लगाई जाएगी और ड्यूटी के दौरान करीब 450 निजी सुरक्षाकर्मियों के मोबाइल फोन इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। सुरक्षा और गोपनीयता के मद्देनजर समय-समय पर कर्मचारियों के मोबाइल की जांच भी की जाएगी।
चोरी जैसी घटनाओं पर पूरी तरह लगाम कसने के लिए एक बड़ा बदलाव करते हुए सभी कर्मचारियों के लिए ‘बिना जेब वाली ड्रेस’ (पॉकेटलेस ड्रेस कोड) अनिवार्य कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत एसबीआई स्टाफ के लिए आसमानी शर्ट-काली पैंट, एजेंसी स्टाफ के लिए भगवा शर्ट-काली पैंट, ट्रस्ट स्टाफ के लिए सफेद शर्ट-काली पैंट और पुजारियों, कोठारियों व भंडारियों के लिए पीतांबरी रेशमी धोती तय की गई है। इसके अलावा, दान की नकदी गिनने का जिम्मा अब सिर्फ एसबीआई की टीम को सौंपा गया है, जो टेबल-कुर्सी हटाकर जमीन पर बैठकर दो शिफ्टों में गिनती करेगी। प्रवेश और निकासी पर सघन तलाशी के साथ-साथ निरंतर वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
(फोटो काल्पनिक है)