चोरों ने भैंस खोली, पड़िया साथ ली और 18 किलोमीटर तक हांकते चले गए। भैंस भी पूरे रास्ते बिना कोई नखरा किए चलती रही। लेकिन जैसे ही रास्ते में उसका पुराना गांव झंडी आया, उसने झटके से रस्सी छुड़ाई, दौड़ लगाई और सीधे अपने मालिक अरविंद लोधी के घर के खूंटे पर जाकर खड़ी हो गई। पीछे-पीछे पहुंचा एक चोर ग्रामीणों के हाथ लग गया।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के रन्नौद थाना क्षेत्र का यह मामला अब आसपास के गांवों में चर्चा का विषय बना है। लोग इसे “समझदार भैंस” कह रहे हैं, जिसने अपने घर का रास्ता याद रखा और चोरी का पर्दाफाश करवा दिया।
ससुराल में चरने छोड़ी थी भैंस
झंडी गांव के 28 वर्षीय अरविंद लोधी ने करीब तीन महीने पहले अपनी भैंस को माढ़ा गणेशखेड़ा गांव में ससुर राजाराम लोधी के यहां छोड़ा था। पांच नवंबर को भैंस अपनी पड़िया के साथ गांव के पठार पर बंधी थी। इसी दौरान बाइक से दो युवक आए और दोनों जानवरों को खोलकर हांक ले गए।
संयोग यह रहा कि चोर जिस रास्ते से भैंस ले जा रहे थे, वह झंडी गांव से होकर गुजरता था। तीन महीने बाद भी भैंस अपना पुराना ठिकाना नहीं भूली थी। गांव की सीमा में घुसते ही उसने चोरों का साथ छोड़ा और सीधे पुराने खूंटे पर पहुंच गई।
“गलती से आ गई है, मेरी है”
भैंस के पीछे-पीछे एक युवक भी अरविंद के दरवाजे तक आ गया। उसने ग्रामीणों से कहा कि भैंस उसकी है और गलती से इधर चली आई है। अरविंद ने अपनी भैंस पहचान ली थी, फिर भी पक्का करने के लिए उन्होंने ससुराल फोन लगाया। वहां से पता चला कि भैंस और पड़िया दोपहर से गायब हैं और घरवाले उन्हें ढूंढ रहे हैं।
बात खुलते ही ग्रामीणों ने युवक को घेरकर पकड़ लिया। भीड़ जुटती देख दूसरा युवक अपनी मोटरसाइकिल वहीं छोड़कर भाग निकला। ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, पकड़े गए युवक ने पूछताछ में चोरी की बात कबूल की, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
छोड़ी गई बाइक से दूसरे की तलाश
थाना प्रभारी विवेक यादव ने बताया कि पशु मालिक की शिकायत पर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। भागे हुए दूसरे आरोपी की मोटरसाइकिल झंडी गांव में ही छूट गई है। दैनिक भास्कर के अनुसार, अरविंद ने आरोपी को इंदार थाना पुलिस के हवाले कर शिकायत दर्ज कराई है।
गांव में दुधारू भैंस किसान परिवार की रोजी का बड़ा सहारा होती है। शिवपुरी के इस मामले में भैंस की याददाश्त ने परिवार को बड़े नुकसान से बचा लिया।
