फतेहपुर की अदालत ने पांच साल पुराने योगमाया हत्याकांड में उसके पति इंद्रमोहन लोधी और भोजपुरी अभिनेत्री नेहा वर्मा को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या चार की न्यायाधीश चेतना चौहान ने शुक्रवार को फैसला सुनाया और दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। यह रकम योगमाया के छह साल के बेटे को मिलेगी।
अदालत ने 30 अक्टूबर को दोनों को हत्या का दोषी ठहराया था। शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। फैसले में सबसे निर्णायक भूमिका उस सबूत की रही, जो योगमाया अपनी आखिरी लड़ाई में छोड़ गई थी।
25 दिसंबर 2021 की रात
दैनिक जागरण के मुताबिक घटना खागा कोतवाली क्षेत्र के गुलरियनपुर मजरे कूरा गांव की है, 25 दिसंबर 2021 की रात करीब 11 बजे की। 25 साल की योगमाया का गला धारदार हथियार से काटा गया था। अगले दिन उसके भाई सत्यप्रकाश ने खागा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया।
सत्यप्रकाश की शिकायत के अनुसार योगमाया की शादी 10 फरवरी 2015 को इंद्रमोहन से हुई थी। शादी के बाद से इंद्रमोहन एक लाख रुपये अतिरिक्त दहेज के लिए उसे प्रताड़ित कर रहा था। इंद्रमोहन भोजपुरी फिल्मों की कहानियां लिखता था और शॉर्ट फिल्में बनाता था। इसी काम के दौरान महराजगंज की रहने वाली नेहा वर्मा से उसका परिचय हुआ। परिवार का आरोप था कि दोनों के रिश्ते का योगमाया विरोध करती थी।
डीएनए ने बताया, उस रात कौन था
हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक योगमाया ने जान बचाने के लिए हमलावरों से जमकर संघर्ष किया था। हाथापाई में उसके नाखूनों में कुछ बाल फंस गए थे। पुलिस ने इनका डीएनए टेस्ट कराया, तो वे नेहा वर्मा के डीएनए से मेल खा गए। मेडिकल जांच में नेहा के शरीर पर खरोंच के निशान भी मिले थे। घटनास्थल पर मिला खून इंद्रमोहन का निकला। अभियोजन ने नौ गवाह पेश किए।
बचाव पक्ष के वकील अर्जुन सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि इंद्रमोहन ने नेहा का काम एक शॉर्ट फिल्म में देखकर उसे अपने प्रोजेक्ट में रोल ऑफर किया था। घटना के समय गांव में शूटिंग चल रही थी और नेहा इसी सिलसिले में उसके घर रुकी हुई थी।
बेटे के लिए अदालत की अलग टिप्पणी
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रविदत्त द्विवेदी के मुताबिक अदालत ने कहा कि कोई रकम मां के न रहने की भरपाई नहीं कर सकती और जुर्माने की राशि बच्चे की जरूरतों के लिए काफी नहीं है। इसलिए अदालत ने राज्य सरकार से उसे अतिरिक्त मुआवजा देने की संस्तुति की और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को इसके लिए जरूरी कदम उठाने को कहा।
दोनों को घटना के कुछ दिन बाद ही गिरफ्तार कर लिया गया था। बचाव पक्ष ने कहा है कि वह फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देगा।
