इटावा के भरेह थाना क्षेत्र के पहलन गांव में पत्नी की गला दबाकर हत्या के आरोपी शिवपूजन सिंह को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। वारदात के बाद से वह फरार था और एसएसपी ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस ने उसे महुआसूड़ा के पास उस वक्त दबोचा, जब वह कहीं निकलने की तैयारी में खड़ा था।
मामला एक नवंबर की रात का है। पुलिस और परिजनों के मुताबिक, ताजा खाना बनाने की बात पर शिवपूजन और उसकी पत्नी अवधेश कुमारी के बीच कहासुनी हुई। आरोप है कि शिवपूजन ने पहले पत्नी से मारपीट की और फिर उसका गला दबा दिया।
बेटी पैर पकड़ती रही, चारों बच्चे चीखते रहे
उस रात घर में दंपती के चार बच्चे मौजूद थे। अमर उजाला और न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, मां को बचाने के लिए बड़ी बेटी संध्या पिता के पैर पकड़कर गिड़गिड़ाती रही, लेकिन आरोप है कि शिवपूजन ने उसे लात मारकर दूर धकेल दिया। मां ने दम तोड़ा तो चारों बच्चे बिलखने लगे। जिन बच्चों के सामने यह सब हुआ, उनके सिर से अब मां का साया उठ चुका है और पिता जेल में है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अवधेश कुमारी के भाई अभिलाख सिंह ने तीन नवंबर को भरेह थाने में अपने बहनोई के खिलाफ हत्या की तहरीर दी। इसी पर मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने आरोपी की तलाश में दबिशें शुरू कीं।
दो साल पहले तोड़ दिया था हाथ
अभिलाख सिंह का कहना है कि बहनोई ने शराब के नशे में उनकी बहन की जान ली। उनके मुताबिक, यह पहली बार नहीं था जब अवधेश कुमारी पर हाथ उठा। करीब दो साल पहले भी शिवपूजन ने मारपीट कर उसका हाथ तोड़ दिया था। तब शिकायत पर उसे जेल भेजा गया था और करीब छह महीने बाद वह छूटकर आया था।
एसपी देहात श्रीश चंद्र ने बताया कि फरार अपराधियों की धरपकड़ के अभियान में इनामी शिवपूजन सिंह को पकड़ा गया है और उसके खिलाफ ठोस साक्ष्य मिले हैं। थाना प्रभारी जगदीश भाटी के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
घरेलू हिंसा की शिकायत को हल्के में न लें
पहलन गांव की यह घटना उस खतरे की ओर इशारा करती है, जो पहले की मारपीट और जेल के बाद भी घरों में बना रहता है। घरेलू हिंसा झेल रही कोई महिला या उसका परिवार तुरंत 112 पर पुलिस या 181 महिला हेल्पलाइन पर मदद मांग सकता है। पुराने मामले की जानकारी भी पुलिस को जरूर दें, ताकि आरोपी की जमानत और निगरानी के समय उसका रिकॉर्ड सामने रहे।
