हरियाणा के सिरसा जिले के कालांवाली में युवा कांग्रेस नेता लवप्रीत सिंह की हत्या के मामले में डबवाली पुलिस ने शनिवार को उसके सौतेले भाई गुरलाल समेत तीन आरोपितों को पकड़ने की जानकारी दी। डीएसपी ललित कुमार के मुताबिक, हत्या के पीछे परिवार की करीब 21 एकड़ जमीन के बंटवारे का पुराना झगड़ा है। दो आरोपित अब भी फरार हैं।
लवप्रीत कालांवाली में युवा कांग्रेस का हलका प्रधान था और गांव के पूर्व सरपंच मित सिंह का पोता। उसकी मौत के बाद कांग्रेस नेताओं ने जल्द गिरफ्तारी की मांग उठाई थी। लवप्रीत का तीन साल का बेटा है।
खेत में कहासुनी, फिर लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी
पुलिस के बताए घटनाक्रम के अनुसार, तीन अक्टूबर की सुबह लवप्रीत अपने पिता नाजम सिंह के साथ खेत गया था। वहां से दोनों चाचा चरणजीत के खेत की ओर चले गए। चरणजीत उस वक्त खेत पर नहीं था, उसकी जमीन जोतने वाला व्यक्ति (मुंजारा) मौजूद था। उससे दोनों की कहासुनी हो गई।
पुलिस का कहना है कि मुंजारे ने फोन कर चरणजीत को बुलाया और फिर चरणजीत के कहने पर गुरलाल अपने बेटों के साथ लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी लेकर खेत पहुंच गया। बहस बढ़ी तो लवप्रीत और उसके पिता पर हमला हो गया। डीएसपी के मुताबिक, लवप्रीत के पैरों पर डंडों से कई वार किए गए और फिर सिर के पिछले हिस्से पर कुल्हाड़ी मारी गई, जिससे उसकी मौत हो गई। हमले में घायल नाजम सिंह का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
दो शादियां, दो बेटे और सात एकड़ पर नाराजगी
जांच में सामने आया कि नाजम सिंह की दो शादियां हुई थीं। पहली शादी से गुरलाल और दूसरी से लवप्रीत है। परिवार के पास गांव में करीब 21 एकड़ जमीन है। पुलिस के अनुसार, बड़े बेटे गुरलाल को करीब सात एकड़ जमीन दी गई थी, लेकिन वह इस बंटवारे से संतुष्ट नहीं था।
लवप्रीत अपने पिता के साथ रहता था, जबकि गुरलाल को अलग कर दिया गया था। कुछ समय तक गुरलाल कालांवाली मंडी में किराये के मकान में भी रहा। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, चाचा चरणजीत ने ही उसे जमीन और घर में हिस्सा दिलाने की बात रखी थी और बाद में गांव वापस लाकर घर में हिस्सा दिलाया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जमीन के लिए हत्या का यह पहला मामला है।
मौके पर थे पांच लोग, दो की तलाश
डीएसपी ललित कुमार ने बताया कि थाना पुलिस और सीआईए की टीम ने आरोपितों की लोकेशन के आधार पर कार्रवाई की। घटना के समय मौके पर करीब पांच लोग मौजूद थे। पंजाब केसरी के मुताबिक, जांच में गुरलाल, चाचा चरणजीत, गुरचरण और तरसेम उर्फ सेमा की भूमिका सामने आई है। दैनिक भास्कर के अनुसार, जो दो आरोपित अभी फरार हैं, उनमें गुरलाल और चरणजीत के बेटे शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपितों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
