
अयोध्या।
पौराणिक कथाओ के अनुसार
श्रीमद्भागवत एवं देवी पुराण के मुताबिक, शनि महाराज का अपने पिता से वैर भाव था क्योंकि सूर्य देव ने उनकी माता छाया को अपनी दूसरी पत्नी संज्ञा के पुत्र यमराज से भेद-भाव करते देख लिया था, इस बात से नाराज होकर सूर्य देव ने संज्ञा और उनके पुत्र शनि को अपने से अलग कर दिया था। इससे शनि और छाया ने सूर्य देव को कुष्ठ रोग का शाप दे दिया था।
पिता सूर्यदेव को कुष्ट रोग से पीड़ित देखकर यमराज काफी दुखी हुए। यमराज ने सूर्यदेव को कुष्ठ रोग से मुक्त करवाने के लिए तपस्या की। लेकिन सूर्य ने क्रोधित होकर शनि महाराज के घर कुंभ जिसे शनि की राशि कहा जाता है उसे जला दिया। इससे शनि और उनकी माता छाया को कष्ठ भोगना पड़ रहा था। यमराज ने अपनी सौतली माता और भाई शनि को कष्ट में देखकर उनके कल्याण के लिए पिता सूर्य को काफी समझाया। तब जाकर सूर्य देव शनि के घर कुंभ में पहुंचे।
युवतियों में बढ़ रही तंबाकू की लत चिंता का विषय। अयोध्या। अयोध्या विश्व तंबाकू निषेध… Read More
बीकापुर के चौरे बाजार अग्निकांड पीड़ितों को मिला सरकार से थोड़ी राहत, तहसीलदार ने बांटे … Read More
राष्ट्रहित के विषयों पर प्रधानमंत्री के विचारों का हुआ सामूहिक श्रवण। अयोध्या। अयोध्या जिले में… Read More
श्रीरामलला के दर्शन के लिए उमड़ रहा जनसैलाब। अयोध्या। अयोध्या श्रीराम नगरी में भव्य और… Read More
रुदौली में अपहरण की दो बड़ी वारदातें, युवती और किशोरी को भगा ले जाने का… Read More
अवध विश्वविद्यालय की बड़ी कार्रवाई, परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी नहीं मिलने से परिणाम रोका। अयोध्या।… Read More