श्रीरामलला के दर्शन के लिए उमड़ रहा जनसैलाब।

अयोध्या।
अयोध्या श्रीराम नगरी में भव्य और दिव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद पावन नगरी अयोध्या में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्डतोड़ बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। श्रद्धालुओं के इस लगातार बढ़ते सैलाब को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने सुरक्षा, सुगम यातायात और कुशल भीड़ प्रबंधन को लेकर एक बेहद अत्याधुनिक और व्यापक ‘मास्टर प्लान’ तैयार किया है। इस नई और महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत, श्रीराम जन्मभूमि परिसर और उसके आसपास के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई (AI) आधारित हाईटेक कैमरे स्थापित किए जाएंगे। ये आधुनिक कैमरे पल-पल की रियल टाइम निगरानी रखेंगे और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या लावारिस वस्तु की पहचान करके तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेंगे।
यह अत्याधुनिक डिजिटल व्यवस्था न केवल सुरक्षा को अभेद्य बनाएगी, बल्कि विभिन्न प्रमुख मार्गों पर भीड़ के दबाव और घनत्व का सटीक आकलन करने में भी मील का पत्थर साबित होगी। किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति या भगदड़ जैसे हालातों से बचने के लिए यह सिस्टम सुरक्षाबलों को त्वरित कार्रवाई करने और समय रहते भीड़ को डाइवर्ट करने में सक्षम बनाएगा। मामले की तकनीकी और प्रशासनिक कड़ियों पर बात करते हुए, जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने आधिकारिक तौर पर बताया कि राम मंदिर के सबसे मुख्य और संवेदनशील ‘रेड जोन’ का विस्तृत सुरक्षा प्लान पूरी तरह तैयार करके मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया गया है, जबकि इसके बाहरी घेरे यानी ‘यलो जोन’ की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए अधिकारियों के साथ लगातार गहन मंथन और विधिक समीक्षा की जा रही है।
प्रशासनिक स्तर पर इस समय भीड़ प्रबंधन को लेकर कई विशेष और धरातलीय रणनीतियों पर युद्ध स्तर पर काम चल रहा है, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस मास्टर प्लान के तहत वीआईपी आयोजनों के दौरान शहर में बड़े पैमाने पर अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की जाएगी, साथ ही हाईवे और संपर्क मार्गों पर वाहनों के सुगम ठहराव के लिए आधुनिक पार्किंग स्थलों का जाल बिछाया जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, रामनवमी, दीपोत्सव और प्रमुख धार्मिक मेलों के दौरान अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या अचानक 30 लाख के पार पहुंच जाती है, ऐसे में यह हाईटेक मास्टर प्लान आने वाले समय में अयोध्या को वैश्विक स्तर पर सबसे सुरक्षित और सुव्यवस्थित धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।