महिला अस्पताल अग्निकांड के बाद भी नहीं चेता स्वास्थ्य विभाग।

अयोध्या।
अयोध्या जिले के जिला महिला चिकित्सालय में आग लगने की घटना को लगभग दो सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकारी अस्पतालों की विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल के पास वर्तमान में विद्युत सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) उपलब्ध नहीं है। इतना ही नहीं, किसी अस्पताल प्रशासन ने अब तक इसके लिए आवेदन तक नहीं किया है।
विद्युत सुरक्षा निदेशालय के नियमों के अनुसार किसी भी संस्थान को विद्युत सुरक्षा एनओसी प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। निर्धारित मानकों की जांच एवं परीक्षण के बाद तीन वर्षों के लिए प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस दिशा में उदासीनता बरती जा रही है।
बीते 22 मई 2026 को जिला महिला चिकित्सालय में हुई आगजनी की घटना ने अस्पतालों की विद्युत व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। अस्पतालों में चौबीसों घंटे बिजली से संचालित उपकरण, एयर कंडीशनर और जीवन रक्षक मशीनें चलती हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
विद्युत सुरक्षा निदेशालय के सहायक निदेशक नरेन्द्र यादव ने बताया कि अब तक जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल की ओर से विद्युत सुरक्षा एनओसी के लिए आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी इस संबंध में कोई संपर्क नहीं किया है।