images - अयोध्या में राशन कार्ड धारकों पर बड़ा एक्शन, खाद्य एवं रसद विभाग ने निरस्त किए 18 हजार राशन कार्ड।

अयोध्या में राशन कार्ड धारकों पर बड़ा एक्शन, खाद्य एवं रसद विभाग ने निरस्त किए 18 हजार राशन कार्ड।

अयोध्या उत्तर प्रदेश

अयोध्या में राशन कार्ड धारकों पर बड़ा एक्शन, खाद्य एवं रसद विभाग ने निरस्त किए 18 हजार राशन कार्ड।

images - अयोध्या में राशन कार्ड धारकों पर बड़ा एक्शन, खाद्य एवं रसद विभाग ने निरस्त किए 18 हजार राशन कार्ड।

अयोध्या।

उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में खाद्य एवं रसद विभाग ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़ा रोकने के उद्देश्य से बड़ी कार्रवाई की है। विभाग द्वारा चलाए गए एक विशेष सत्यापन अभियान के तहत जिले भर में करीब 18 हजार अपात्र राशन कार्ड धारकों के कार्ड तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। जांच में सामने आया कि ये सभी कार्डधारक आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल कर रहे थे और उनकी कुल वार्षिक आय सरकार द्वारा गरीबी रेखा के लिए निर्धारित मानक सीमा से कहीं अधिक थी, जिसके चलते उन्हें सरकारी राशन योजना के लिए अपात्र घोषित किया गया।

मामले पर पूरी स्थिति स्पष्ट करते हुए जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) बृजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि केवल आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करना ही राशन कार्ड रद्द होने का एकमात्र आधार नहीं है। यह पूरी कार्रवाई शासन द्वारा तय की गई वार्षिक आय सीमा के मानकों को ध्यान में रखकर की जा रही है। उन्होंने आय सीमा की छूट का गणित समझाते हुए बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 2 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले ऐसे परिवार जो ITR भरते हैं, उनके राशन कार्ड निरस्त नहीं किए जाएंगे। इसी प्रकार, शहरी क्षेत्रों में 3 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले लाभार्थियों के राशन कार्ड भी पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। हालांकि, इस निर्धारित सीमा (ग्रामीण क्षेत्र हेतु ₹2 लाख व शहरी क्षेत्र हेतु ₹3 लाख) से अधिक वार्षिक आय होने के बावजूद ITR दाखिल करने वाले परिवारों को योजना के तहत अपात्र मानकर उनके कार्ड रद्द किए जा रहे हैं।

जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार, यह विशेष सत्यापन अभियान आर्थिक रूप से संपन्न और सक्षम होने के बावजूद गरीबों के हक का सरकारी राशन उठा रहे अपात्रों की पहचान के लिए चलाया जा रहा है। इसका मुख्य ध्येय सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पूरी पारदर्शिता लाना और खाद्यान्न का वास्तविक लाभ केवल अत्यंत निर्धन और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना है। विभाग ने सभी संपन्न और अपात्र कार्डधारकों से सार्वजनिक अपील की है कि वे किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए स्वयं आगे आकर अपना राशन कार्ड सरेंडर कर दें, ताकि उनकी जगह किसी वास्तविक पात्र और गरीब परिवार का राशन कार्ड बनाया जा सके।

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