फर्जी दारोगा बनकर ठगी करने वाला युवक गिरफ्तार, पुलिस ने एक माह में तैयार किया आरोप पत्र।

अयोध्या।
अयोध्या में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का फर्जी दारोगा बनकर ठगी करने वाले युवक के खिलाफ पुलिस ने रिकॉर्ड समय में कार्रवाई करते हुए मात्र एक माह के भीतर आरोप पत्र तैयार कर लिया है। तेज रफ्तार में हुई विवेचना अब अंतिम चरण में है और इसे न्यायालय में दाखिल करने के लिए उच्चाधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस मामले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी।
आरोपी सिद्धार्थ निषाद, जो देवरिया जिले के बरहज पटेलनगर का रहने वाला है, पुलिस ने 1 नवंबर को नवीन मंडी क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ गोल्डन डिजिटल लाइब्रेरी के संचालक सूरज शर्मा ने मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें बताया गया था कि आरोपी ने पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे छात्रों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की। इस मामले की विवेचना नवीन मंडी चौकी के उप निरीक्षक अखिलेश तिवारी के जिम्मे है।
सिद्धार्थ पिछले एक माह से नवीन मंडी के नजदीक किराये के कमरे में रह रहा था। आरोपी ने पहले लाइब्रेरी संचालक सूरज से संपर्क किया और उन्हें तथा उनकी लाइब्रेरी में पढ़ने वाली दो छात्राओं को नौकरी दिलाने का भरोसा देकर हजारों रुपये ऐंठ लिए। उसने NIA का फर्जी परिचय पत्र भी बनाया था और अक्सर वर्दी में दिखाई देता था, जिससे कोई उस पर संदेह नहीं कर सका। प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों की भीड़ वाले इस क्षेत्र को उसने ठगी का आसान केंद्र बना दिया।
आरोपी ने सूरज शर्मा से 75 हजार रुपये लिए, जबकि दो छात्राओं से पुलिस भर्ती के नाम पर 17 हजार रुपये ठगे। जब वह पैसे देने के मामले में देरी और बहानों का सहारा लेने लगा, तो सूरज को शक हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच में सिद्धार्थ की असलियत सामने आ गई। पूछताछ में यह भी पता चला कि उसने अपने कई रिश्तेदारों तथा परिचितों को भी फर्जी दारोगा बनकर धोखा दिया है।
विवेचना में यह खुलासा हुआ कि आरोपी ने 2800 रुपये में बाजार से पुलिस की वर्दी खरीदी थी। वह पहले ऑनलाइन गेमिंग ऐप ‘ड्रीम इलेवन’ पर सट्टा खेलने का आदी था और उसने आजमगढ़ व देवरिया में अपने परिचितों से लाखों रुपये उधार लेकर सट्टे में गंवा दिए थे। आर्थिक रूप से टूटने के बाद उसने ठगी का सहारा लिया और खुद को NIA अधिकारी बताकर लोगों को छलने लगा।