
अयोध्या जिले में दलित उत्पीड़न के एक मामले में झूठी गवाही देने पर कोर्ट ने वादी के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अभियुक्त को दोषमुक्त कर दिया है। यह आदेश विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट राकेश कुमार की अदालत से हुआ। एससी-एसटी एक्ट के विशेष लोक अभियोजक नरसिंह नारायण उपाध्याय ने बताया कि घटना एक अगस्त 2015 की है।थाना कैंट के बढ़ई पुरवा निवासी राजकुमार ने यहीं के रंजीत यादव के खिलाफ केस दर्ज कराया था। आरोप था कि दीवार के विवाद को लेकर रामजीत यादव ने उसे पीटा। इसकी रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया।
अदालत में राजकुमार गवाही देने से मुकर गया। इसका लाभ देते हुए कोर्ट ने आरोपी रामजीत यादव को तो दोषमुक्त कर दिया जबकि राजकुमार के खिलाफ झूठी गवाही देने में प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया है।
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