राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले की नरसिंहपुरा बिरानी खुली जेल में उम्रकैद काट रहा एक कैदी पिछले साल पांच दिन थाईलैंड घूम आया, और जेल के रिकॉर्ड में इन पांचों दिन उसकी हाजिरी लगती रही। जेल महानिदेशक अशोक राठौर के निर्देश पर कैदी दीक्षांत कामरा और जेल प्रहरी हापुराम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। हापुराम को निलंबित कर दिया गया है।
पीटीआई को राठौर ने बताया कि पासपोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक कामरा 9 अक्टूबर 2025 को थाईलैंड गया और 13 अक्टूबर को लौटा। उस अवधि में उसकी उपस्थिति जिस कर्मचारी ने सत्यापित की, उसका रिकॉर्ड भी विभाग ने जुटा लिया है।
एक महिला की शिकायत से खुली परतें
मामला किसी नियमित जांच में नहीं पकड़ा गया। डीजी राठौर के अनुसार, कुछ दिन पहले एक महिला अपने परिवार के साथ उनके दफ्तर पहुंची थी। उसने कामरा पर धोखा देने और मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया। महिला ने यह भी कहा कि कामरा के पास हथियार हैं, वह नशे के कारोबार में शामिल है और खुली जेल में रहते हुए विदेश जा चुका है।
इसके बाद डीजी ने जेल अधीक्षक को शाम की गिनती खुद देखने को कहा। हाजिरी में कामरा मौजूद मिला, फिर पुलिस ने उसकी गाड़ी की तलाशी ली। अमर उजाला और न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक जवाहरनगर थाना पुलिस को गाड़ी से करीब 40 ग्राम अफीम मिली और उस पर एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज हुआ। इसी के बाद पासपोर्ट का रिकॉर्ड मंगाया गया, जिसमें थाईलैंड यात्रा सामने आई।
2016 का पासपोर्ट, जो कभी जब्त ही नहीं हुआ
इस कहानी का सबसे अजीब हिस्सा यही है। पीटीआई के मुताबिक कामरा का पासपोर्ट 2016 में उसके स्थायी पते पदमपुर (श्रीगंगानगर) पर जारी हुआ था। 2018 में प्रिया सेठ के साथ उसकी गिरफ्तारी हुई, 2023 में सजा हुई, लेकिन इस पूरे दौर में पुलिस ने न पासपोर्ट जब्त किया, न उसका ब्योरा लिया। वही पासपोर्ट लेकर वह खुली जेल से विदेश निकल गया।
खुली जेल में अच्छे आचरण वाले सजायाफ्ता कैदियों को रखा जाता है। वे दिन में बाहर काम कर सकते हैं, लेकिन तय समय पर शिविर में गिनती देनी होती है। कामरा के मामले में यही गिनती कागज पर पूरी होती रही।
जयपुर का वह हत्याकांड
कामरा जयपुर के झोटवाड़ा इलाके के 2018 के दुष्यंत शर्मा हत्याकांड में उम्रकैद काट रहा है। केस के ब्योरे के अनुसार प्रिया सेठ ने कामरा का कर्ज चुकाने के लिए दुष्यंत को प्रेम जाल में फंसाया था। तीनों आरोपियों ने उसे बंधक बनाकर पिता से 10 लाख रुपये फिरौती मांगी। खाते में तीन लाख आने के बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई और शव सूटकेस में भरकर आमेर इलाके में फेंक दिया गया। 2023 में अदालत ने इस मामले में उम्रकैद सुनाई थी।
प्रिया सेठ इस केस के बाद भी चर्चा में रही थी, जब सजा के बाद पैरोल पर बाहर रहते हुए उसने एक दूसरे कैदी हनुमान से शादी कर ली थी।
अब क्या होगा
एएसपी दीपक शर्मा के मुताबिक घमूड़वाली थाने में कैदी और प्रहरी के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज हुआ है। कामरा को खुली जेल से हटाकर केंद्रीय कारागार भेजा गया है। अफीम वाला एनडीपीएस केस और फर्जी हाजिरी की एफआईआर, दोनों की जांच अब साथ चलेगी। विभाग यह भी देख रहा है कि हाजिरी के खेल में हापुराम अकेला था या शिविर के दूसरे कर्मचारी भी इसमें शामिल थे।
