मिडटर्म में करारी हार के बाद ट्रंप का कबूलनामा: ‘ईरान युद्ध से महंगा हुआ पेट्रोल, इसलिए हारे’; फिर भी बोले- ‘मैंने सही किया, दोबारा भी करूंगा’

वॉशिंगटन: अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की ऐतिहासिक हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहली बार माना है कि ईरान के खिलाफ युद्ध और उसके चलते बढ़ी गैसोलीन (पेट्रोल) की कीमतों ने उनकी पार्टी को चुनाव में नुकसान पहुंचाया। हालांकि, ट्रंप ने अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं जताया और कहा कि वह फिर से वही करेंगे। AP और CBS की रिपोर्ट्स के मुताबिक डेमोक्रेटिक पार्टी ने संसद के दोनों सदनों- हाउस और सीनेट- पर कब्जा कर लिया है।

Al Jazeera के अनुसार मंगलवार देर रात फॉक्स न्यूज को दिए टेलीफोनिक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “हमारे पास दरअसल सबसे बेहतरीन अर्थव्यवस्था है, लेकिन गैसोलीन की कीमत की वजह से लोग इसे उतना नहीं देख पा रहे। और गैसोलीन (महंगा) ईरान की वजह से हुआ।” उन्होंने आगे कहा, “लोग ईरान पर मेरे कदमों से सहमत हैं, लेकिन शायद वे गैसोलीन के लिए ज्यादा पैसे चुकाने का अल्पकालिक नतीजा भुगतने को तैयार नहीं थे। मैं समझता हूं। मैं इससे सहमत नहीं हूं।”

खबर की बड़ी बातें (Highlights)

  • मिडटर्म में डेमोक्रेट्स ने हाउस और सीनेट दोनों जीते; रिपोर्ट्स के मुताबिक सीनेट में 54-44 का बहुमत।
  • ट्रंप ने माना- ईरान युद्ध से बढ़ी गैस कीमतें हार की एक वजह।
  • वॉल स्ट्रीट जर्नल से बोले- ‘मैंने सही किया, मैं दोबारा भी ऐसा ही करता।’
  • उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बोले- ‘हम युद्ध की वजह से हारे।’
  • ट्रंप ने ‘VETO’ लिखी लाल टोपी की तस्वीर पोस्ट कर नई कांग्रेस को दिए सख्त संकेत।

ट्रंप बोले- ‘मैंने सही किया, दोबारा भी करूंगा’

रिपब्लिकन की हार पर वॉल स्ट्रीट जर्नल से बातचीत में ट्रंप ने ईरान युद्ध के बारे में कहा, “मैंने सही काम किया। मैं इसे फिर से करता।” AP के मुताबिक ट्रंप अब इस सवाल से जूझ रहे हैं कि ईरान युद्ध पर अगला कदम क्या हो, जिसने रिपब्लिकन की हार में अहम भूमिका निभाई। गौरतलब है कि ट्रंप ने इस साल फरवरी में इजरायल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था, जिसके बाद वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मची।

उपराष्ट्रपति वेंस का अलग सुर: ‘हम युद्ध की वजह से हारे’

Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस- जिन्हें 2028 के राष्ट्रपति चुनाव का संभावित उम्मीदवार माना जाता है- ने इस मुद्दे पर ट्रंप से अलग राय रखी। वेंस ने लिखा, “हमारी हार की वजह युद्ध है। राष्ट्रपति ने खुद कल रात यह कहा। अगर आप यह तर्क देना चाहते हैं कि यह इसके लायक था, कि अगले 6 साल के लिए सीनेट गंवाना इसके लायक था, तो दीजिए।” उन्होंने आगे कहा, “सब जानते हैं कि हम क्यों हारे। आगे की कोई भी ईमानदार बातचीत वहीं से शुरू होनी चाहिए।”


ट्रंप ने उम्मीदवारों पर फोड़ा ठीकरा: ‘मैं बैलेट पर नहीं था’

न्यूयॉर्क टाइम्स से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “मैं टिकट पर नहीं था। और क्योंकि मैं टिकट पर नहीं था, हम पर्याप्त लोगों को वोट देने के लिए नहीं ला सके।” उन्होंने हारने वाले कुछ उम्मीदवारों पर भी सवाल उठाए और कहा कि उनके समर्थन वाले कुछ उम्मीदवार ‘मुझसे लड़ते रहे’ और ‘उनमें काफी कमियां थीं’। टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट की चौंकाने वाली हार पर ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अगर एबॉट पिछले छह महीनों में ‘RINO’ (नाम के रिपब्लिकन) न बने होते तो वे नहीं हारते।

फॉक्स न्यूज से ट्रंप ने कहा कि वह हार के बाद अपनी कैबिनेट में कोई बदलाव नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “इसका मेरी कैबिनेट से कोई लेना-देना नहीं था। यह बस एक समय की बात है। हवा में एक मूड था।”

‘VETO’ वाली टोपी: डेमोक्रेट्स के साथ टकराव के संकेत

अगले दो वर्षों में अपने शासन की झलक देते हुए ट्रंप ने अपनी मशहूर लाल टोपी की तस्वीर पोस्ट की, जिस पर ‘VETO’ लिखा था। इसे डेमोक्रेटिक नियंत्रण वाली नई कांग्रेस के कानूनों को रोकने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा, “मुझे लगता है हम डेमोक्रेट्स के साथ काम करेंगे और अच्छी तरह से निभेगी। अगर नहीं निभी, तो हम उन पर बहुत सख्त होंगे, वे हम पर बहुत सख्त होंगे।” CBS के मुताबिक सीनेट में डेमोक्रेट नेता चक शूमर ने ट्रंप के खिलाफ ‘लेजिस्लेटिव रेजर वायर’ की चेतावनी दी है।

भारत के लिए क्या मायने?

अमेरिकी चुनाव नतीजों और ईरान युद्ध की दिशा का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ता है, जिसका प्रभाव भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश पर भी होता है। चुनाव नतीजों के बाद बाजार में यह उम्मीद जताई जा रही है कि युद्ध में और बढ़ोतरी का खतरा घट सकता है, हालांकि विश्लेषक अनिश्चितता बरकरार रहने की बात कह रहे हैं। नई डेमोक्रेटिक कांग्रेस जनवरी में कार्यभार संभालेगी।

रिपब्लिकन रणनीतिकार जेम्स डेविस ने Al Jazeera से कहा कि युद्ध निश्चित तौर पर हार का एक कारण था और इससे मतदाता डेमोक्रेट्स की ओर खिसके, लेकिन सबसे बड़ा मुद्दा स्पष्ट रणनीति का अभाव था। उन्होंने कहा कि ऊर्जा और खासकर डीजल की बढ़ी लागत ने अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र को प्रभावित किया और अमेरिकियों की महंगाई की चिंता बढ़ाई।

दुनिया की हर बड़ी खबर के लिए पढ़ें होर्मुज में फिर धधके जहाज और ऑनलाइन समाचार अयोध्या की अन्य अंतरराष्ट्रीय खबरें।


स्रोत: Al Jazeera, AP, Fox News, The Hill, Business Insider, Reuters एवं CBS News की रिपोर्ट्स। फीचर्ड इमेज: डोनाल्ड ट्रंप का आधिकारिक प्रेसिडेंशियल पोर्ट्रेट 2025 (Public Domain/Wikimedia Commons)।

देश-दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सबसे सटीक — पढ़ते रहिए ‘ऑनलाइन समाचार अयोध्या’।

Super Admin

Recent Posts

KGMU धर्मांतरण रैकेट का बड़ा पर्दाफाश, 100 से ज्यादा डॉक्टर शामिल, मौलानाओं से जुड़े तार

KGMU धर्मांतरण केस में UP STF की जांच आगरा SNMC और एटा मेडिकल कॉलेज तक… Read More

38 minutes ago

PoK के रावलकोट में धरने पर फायरिंग और ड्रोन के आरोप: मौतों पर 3 से 7 तक के दावे, सच क्या है?

PoK के रावलकोट में 5 नवंबर को धरना हटाने के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर… Read More

44 minutes ago