नई दिल्ली। दिवाली से ठीक पहले दिल्ली प्रदूषण ने फिर खतरनाक रूप ले लिया है। गुरुवार सुबह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक नौरोजी नगर रिंग रोड इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 416 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में आता है। राजधानी का औसत AQI सुबह 368 रहा, यानी ‘बहुत खराब’, लेकिन गंभीर की दहलीज़ से बस कुछ कदम दूर। कई निगरानी स्टेशनों पर हवा पूरी तरह ज़हरीली दर्ज हुई।
दिल्ली प्रदूषण: कहां कितना AQI
- जहांगीरपुरी – 459 (गंभीर)
- आईआईटी दिल्ली – 447
- पंजाबी बाग – 446
- अलीपुर – 437, विवेक विहार – 434
- नौरोजी नगर रिंग रोड – 416, आरके पुरम – 416
- एम्स के आसपास – 402
- इंडिया गेट – 399 (बहुत खराब)
- आनंद विहार – करीब 293-296 (खराब)
रिपोर्टों के अनुसार कम से कम 18 स्टेशनों पर गंभीर स्तर दर्ज हुआ। बुधवार को दिल्ली का औसत AQI 377 रहा था, जो 288 दिनों में सबसे खराब था। इससे पहले 20 जनवरी को 378 दर्ज हुआ था। बुधवार को 22 स्टेशनों ने गंभीर हवा दर्ज की थी।
किसका कितना योगदान
डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार को दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने का हिस्सा 20.2 प्रतिशत रहा, जबकि वाहनों का धुआं 15.5 प्रतिशत। उद्योग 2.9, आवासीय स्रोत 3.8, निर्माण 2.2, कचरा जलाना 1.3 और सड़क की धूल 1.1 प्रतिशत जिम्मेदार रहे। एनसीआर के पड़ोसी जिलों का बोझ भी कम नहीं – गाज़ियाबाद 7, रोहतक 3.8, गुरुग्राम 2.7 और सोनीपत 2.2 प्रतिशत। दिल्ली सरकार के मंत्री ने पंजाब की ओर उंगली उठाई है, जिससे सियासत भी गरमा गई है।
आगे और बिगड़ेगी हवा
एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार 6 और 7 नवंबर को दिल्ली की हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में जा सकती है और उसके बाद के छह दिनों का आउटलुक भी गंभीर बना हुआ है। वेंटिलेशन इंडेक्स 6,000 वर्ग मीटर प्रति सेकंड से नीचे और हवा की रफ्तार 10 किमी प्रति घंटा से कम रहने की संभावना है, जिससे प्रदूषक फैल नहीं पाएंगे। स्काईमेट के महेश पलावत के मुताबिक 8 नवंबर की रात से हल्की पूर्वी हवाएं कुछ राहत दे सकती हैं, लेकिन 9 नवंबर को हवाएं फिर कमज़ोर पड़ेंगी। CREA के विश्लेषक मनोज कुमार ने चेताया है कि कई हॉटस्पॉट पर AQI 450 पार कर सकता है और उन्होंने GRAP के सख्त पालन की मांग की है।
पटाखों पर कोर्ट की मंजूरी
इसी बीच अदालत की अनुमति के बाद सदर बाज़ार में दिवाली से पहले तीन दिन के लिए ग्रीन पटाखों की बिक्री फिर शुरू हो गई है। विशेषज्ञ चेता रहे हैं कि पहले से ज़हरीली हवा में पटाखों का धुआं हालात और बिगाड़ सकता है।
सेहत के लिए क्या करें
- सुबह-शाम खुले में दौड़ और व्यायाम से बचें।
- बाहर निकलते समय N95 मास्क पहनें।
- बच्चों, बुजुर्गों और सांस-हृदय रोगियों का खास ध्यान रखें।
- घर में एयर प्यूरीफायर हो तो चलाएं, खिड़कियां प्रदूषण चरम पर बंद रखें।
साफ है कि हर साल की तरह इस बार भी दिल्ली-एनसीआर की सांसें दिवाली के आसपास घुट रही हैं। पराली, धुआं और ठहरी हवा का ये तिहरा वार तब तक जारी रहेगा जब तक ज़मीन पर ठोस कार्रवाई नहीं दिखती।
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