नई दिल्ली/अयोध्या। देश की सबसे लंबी हाईस्पीड रेल परियोजना का खाका सामने आ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली गुवाहाटी बुलेट ट्रेन वाले नॉर्थ हाईस्पीड कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। NDTV इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक यह कॉरिडोर करीब 1557 किलोमीटर लंबा होगा – निर्माणाधीन 508 किमी के मुंबई-अहमदाबाद रूट से तीन गुना से भी ज़्यादा। दिल्ली से गुवाहाटी का जो सफर आज सुपरफास्ट ट्रेनों से 25 से 40 घंटे लेता है, वह 8 घंटे से कम में पूरा होने का दावा है।
दिल्ली गुवाहाटी बुलेट ट्रेन: तीन चरणों में बनेगा रूट
- फेज-1: दिल्ली से वाराणसी – नोएडा (जेवर), मथुरा, आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज होते हुए।
- फेज-2: वाराणसी से सिलीगुड़ी – बक्सर, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, कटिहार होते हुए।
- फेज-3: सिलीगुड़ी से गुवाहाटी – पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार।
रिपोर्ट के मुताबिक पांच राज्यों – दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम – में करीब 16 स्टेशन बन सकते हैं। रेल मंत्रालय और नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन (NHSRCL) अलग-अलग चरणों की डीपीआर और हवाई सर्वे करा रहे हैं। अंतिम स्टेशन सूची अभी आधिकारिक रूप से तय होनी बाकी है।
राम नगरी अयोध्या को बड़ा तोहफा
अयोध्यावासियों के लिए यह खबर खास है। प्रस्तावित रूट में लखनऊ के बाद राम नगरी अयोध्या में ठहराव की बात कही गई है, फिर प्रयागराज और काशी। इससे अयोध्या धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का दिल्ली से सफर घंटों में सिमट जाएगा और धार्मिक पर्यटन, होटल-कारोबार और स्थानीय रोज़गार को बड़ी रफ्तार मिल सकती है।
कितना लगेगा समय
- दिल्ली से आगरा – 59 मिनट
- दिल्ली से कानपुर – 1 घंटा 45 मिनट
- दिल्ली से लखनऊ – 2 घंटे 12 मिनट
- लखनऊ से वाराणसी – 1 घंटा 21 मिनट
- दिल्ली से पटना – करीब 4 घंटे 40 मिनट
- दिल्ली से सिलीगुड़ी – करीब 6 घंटे
- दिल्ली से गुवाहाटी – 8 घंटे से कम
किराया हवाई जहाज़ से कम: वैष्णव
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 1 नवंबर को वाराणसी-नई दिल्ली रूट पर देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत के मौके पर नॉर्थ बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की मंजूरी का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन का किराया हवाई किराये से कम होगा और यह सिर्फ अमीरों के लिए नहीं, गरीब और मध्यम वर्ग के लिए भी होगी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि कॉरिडोर पहले सिलीगुड़ी तक ही प्रस्तावित था, उनके अनुरोध पर इसे गुवाहाटी तक बढ़ाया गया। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी इसे पूर्वोत्तर के लिए ऐतिहासिक बताया।
चिकन नेक से होकर पूर्वोत्तर तक
यह कॉरिडोर पश्चिम बंगाल के रणनीतिक सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) से गुज़रेगा। यूपी का कपड़ा-चमड़ा उद्योग, बिहार का कृषि बेल्ट, बंगाल की चाय और पूर्वोत्तर का पर्यटन सीधे दिल्ली से जुड़ जाएगा। केंद्रीय बजट 2026-27 में दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी समेत सात नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर घोषित हुए थे। फिलहाल परियोजना की लागत और निर्माण की समयसीमा आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हुई है; मुंबई-अहमदाबाद रूट के प्राथमिक खंड को अगस्त 2027 तक चालू करने का लक्ष्य है।
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