
पंजाब के सराफा कारोबारी से 200 ग्राम सोना लूटा, बाइक सवार बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम।
अयोध्या।
अयोध्या जिले शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके में बृहस्पतिवार की देर रात बाइक सवार दो शातिर बदमाशों ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देकर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दे दी। पंजाब के अमृतसर से आए सराफा कारोबारी सुखविंदर सिंह जब मकबरा के पास से ई-रिक्शा में सवार होकर गुजर रहे थे, तभी पीछे से आए अज्ञात बाइक सवार लुटेरों ने उनके हाथ से करीब 200 ग्राम सोने के जेवरात से भरा बैग झपट लिया और जीआईसी फ्लाईओवर की ओर तेजी से फरार हो गए। शहर के हृदय स्थल में घटी इस लूट की घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया, वहीं दूसरी ओर रात की पुलिस गश्त और सक्रिय निगरानी के दावों पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पीड़ित कारोबारी सुखविंदर सिंह पिछले लगभग दो दशकों से अमृतसर से अयोध्या आकर स्थानीय स्वर्ण व्यवसायियों को थोक में सोना आपूर्ति करने का कार्य करते रहे हैं। अपने नियमित व्यापारिक दौरे के दौरान वे एक बार में करीब 7 से 10 प्रमुख दुकानों पर सोने की आपूर्ति करते हैं। घटना वाले दिन भी उन्होंने नाका क्षेत्र के दो स्वर्ण कारोबारियों को माल की डिलीवरी दी थी और वहां से ई-रिक्शा किराए पर लेकर चौक स्थित अपने होटल जा रहे थे। सूत्रों के अनुसार लुटेरे नाका क्षेत्र से ही लगातार उनकी गतिविधियों की रेकी कर रहे थे और मौका पाते ही मकबरा के पास सुनसान मोड़ देखकर झपट्टा मार दिया।
सनसनीखेज लूट की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई और आला अधिकारियों के निर्देश पर शहर के सभी प्रमुख नाकों व मुख्य चौराहों पर तुरंत सख्त नाकाबंदी कर चेकिंग शुरू की गई। पूरी रात पुलिस की विभिन्न टीमें घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने तथा संदिग्धों के आने-जाने के मार्गों को ट्रेस करने में जुटी रहीं।
इसी क्रम में पुलिस द्वारा कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। चर्चा है कि आरोपियों के पास से एक बाइक और एक लग्जरी चार पहिया वाहन बरामद हुआ है, साथ ही यह बात भी सामने आ रही है कि वारदात के बाद आरोपी महंगी गाड़ी में घूमते देखे गए थे। पकड़े गए संदिग्धों में से एक का पुराना आपराधिक इतिहास भी बताया जा रहा है, जिससे सुनियोजित साजिश की आशंका गहरा गई है।
शहर के व्यस्ततम व्यापारिक मार्ग पर हुई इस खुली लूट ने पुलिस प्रशासन की गश्त प्रणाली और खुफिया नेटवर्क को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है क्या व्यस्त बाजारों और मुख्य मार्गों पर चौकसी केवल कागजों और निष्क्रिय कैमरों तक सीमित रह गई है? देर रात सक्रिय पुलिस पिकेट और गश्ती दस्तों की मौजूदगी के बावजूद बेखौफ अपराधियों का इस तरह सुरक्षित निकल भागना कानून-व्यवस्था के प्रति आम जनता और व्यापारियों के विश्वास पर गहरी चोट करता है।
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