भाजपा प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने संघ व समविचारी संगठनों संग की समन्वय बैठक, आपसी खींचतान खत्म करने पर जोर।

अयोध्या।
अयोध्या जिले में प्रवास के दौरान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने रविवार को पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े समविचारी संगठनों के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक की। शहर के साकेत निलयम परिसर में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सांगठनिक ढांचे को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और सभी अनुषांगिक संगठनों के मध्य बेहतर तालमेल स्थापित करने पर गहन मंथन किया गया।
विगत कुछ समय से समविचारी संगठनों की समन्वय बैठकों में भाजपा पदाधिकारियों की कम उपस्थिति को लेकर उठ रहे सवालों के बीच विनोद तावड़े की इस पहल को संगठन और विचार परिवार के बीच आपसी सामंजस्य को पुनः सुदृढ़ करने के बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि संघ और समान विचारधारा वाले सभी संगठनों के संयुक्त प्रयासों से ही चुनावी अभियान को निर्णायक धार दी जाएगी। इसके साथ ही उन विधानसभा सीटों पर विशेष रणनीति बनाने पर जोर दिया गया, जहां टिकट के दावेदारों और स्थानीय नेताओं के बीच आपसी खींचतान की स्थिति बनी हुई है।
भाजपा के लिए जिले की चुनौतीपूर्ण सीटों में गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्र भी प्रमुख रूप से शामिल है, जहां अलग-अलग समय पर क्षेत्र का नेतृत्व कर चुके दो कद्दावर नेता अब एक ही पाले में हैं। हालांकि, प्रदेश प्रभारी के इस दौरे के दौरान दोनों नेता कई अवसरों पर एक साथ मंच साझा करते नजर आए, जिससे गुटबाजी थामने के संकेत मिले हैं। बैठक में तय किया गया कि खींचतान वाली सीटों पर सभी गुटों को साधकर एकजुटता के साथ मैदान में उतारा जाएगा।
विपक्ष के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण की काट के लिए बैठक में ‘सामाजिक समरसता’ से जुड़े कार्यक्रमों को निरंतर और व्यापक स्तर पर आयोजित करने की कार्ययोजना बनाई गई। विनोद तावड़े ने कड़े निर्देश दिए कि समरसता के इन आयोजनों में संबंधित क्षेत्र के जिला, क्षेत्रीय, प्रांतीय व राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ-साथ सांसदों और विधायकों की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि समाज के हर वर्ग के बीच सकारात्मक संदेश पहुंचे और विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को जमीनी स्तर पर दूर किया जा सके।