थाना समाधान दिवस पर दिखा मतदाता पुनरीक्षण अभियान का असर, लेखपालों की गैरमौजूदगी से अटके भूमि विवाद, मायूस लौटे फरियादी।

अयोध्या।
अयोध्या जिले में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान में बूथों पर राजस्व कर्मियों की ड्यूटी लगाए जाने का सीधा असर शनिवार को आयोजित थाना समाधान दिवस की कार्यवाही पर देखने को मिला। जिले के अधिकांश थानों में हल्का लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों की अनुपस्थिति के चलते भूमि विवाद, पैमाइश और चकरोड से जुड़ी शिकायतों का त्वरित निस्तारण बुरी तरह प्रभावित हुआ। अपनी जमीनी समस्याओं के त्वरित समाधान की आस लेकर दूर-दराज के गांवों से थानों पर पहुंचे सैकड़ों फरियादियों को बिना किसी ठोस कार्रवाई के खाली हाथ मायूस होकर घर लौटना पड़ा।
तहसील क्षेत्रों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मिल्कीपुर सर्किल के अंतर्गत आने वाले तीनों प्रमुख थानों में कुल 41 फरियादियों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं, किंतु राजस्व टीम के अभाव में मौके पर केवल दो मामलों का ही निस्तारण संभव हो सका। इसी प्रकार सोहावल तहसील के रौनाही थाने में भी भूमि विवाद से संबंधित कुल 12 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, लेकिन लेखपालों के उपलब्ध न होने के कारण एक भी शिकायत का मौके पर समाधान नहीं किया जा सका और सभी मामलों में आगे की तारीख दे दी गई।
वहीं बीकापुर कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस के दौरान कुल 26 शिकायती पत्र सामने आए, जिनमें से पुलिस और मौजूद अधिकारियों के समन्वय से मात्र पांच मामलों का ही मौके पर निस्तारण कराया जा सका। शेष सभी शिकायतों को संबंधित राजस्व कर्मियों और पुलिस टीमों को स्थलीय जांच के बाद निस्तारित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे भूमि विवादों के फरियादियों को अब न्याय के लिए और इंतजार करना पड़ेगा।
(फोटो काल्पनिक है)