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बच्चों में टीबी के निदान एवं उपचार हेतु प्राइवेट डॉक्टर्स की आयोजित की गई संगोष्ठी।

अयोध्या उत्तर प्रदेश

बच्चों में टीबी के निदान एवं उपचार हेतु प्राइवेट डॉक्टर्स की आयोजित की गई संगोष्ठी।

ग्ग्ग्गग्ग्ग्ग - बच्चों में टीबी के निदान एवं उपचार हेतु प्राइवेट डॉक्टर्स की आयोजित की गई संगोष्ठी।

अयोध्या।
जिला महिला अस्पताल,अयोध्या के सभागार में आज जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संदीप शुक्ला की अध्यक्षता में पेडियाट्रिक टीबी (बच्चों में क्षय रोग) के समय पर निदान और समुचित उपचार को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) से जुड़े सदस्य,साथ ही जिले के सरकारी एवं निजी चिकित्सकगण शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य बच्चों में टीबी के बढ़ते मामलों की पहचान कर उनके शीघ्र निदान व प्रभावी इलाज को सुनिश्चित करते हुए गास्ट्रिक लावाज और प्रेरित थूक द्वारा बच्चों मे उपचार की चर्चा की गयी! जिले मे 0 से 14 उम्र के जनवरी से जुलाई तक 349 केस रिपोर्ट हुए और 48 बच्चों का गास्ट्रिक लावाज और 06 बच्चों के बलगम के नमूने प्रेरित थूक विधि द्वारा लिए गए।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला क्षय रोग अधिकारी ने कहा,“बच्चों में टीबी के लक्षण अक्सर सामान्य बीमारियों से मिलते-जुलते होते हैं,जिससे समय पर निदान में देरी हो सकती है। ऐसे में सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भूमिका जरूरी है ताकि किसी भी बच्चे को उपचार से वंचित न रहना पड़े।”
चर्चा के दौरान उपस्थित जिला हॉस्पिटल के डॉ. शिशिर श्रीवास्तव ने बताया पेडियाट्रिक टीबी की पहचान के उन्नत तरीकों,त्वरित उपचार की आवश्यकता और केस-फाइंडिंग को मजबूत करने के उपायों पर अपने अनुभव साझा किए।
इस बैठक से सार्वजनिक व निजी स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की आशा है,जिससे जिले में बच्चों के स्वास्थ्य की स्थिति को सुदृढ़ किया जा सकेगा और टीबी के नियंत्रण की दिशा में एक और मजबूत कदम उठाया जा सकेगा।

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