दीपोत्सव को लेकर होटल और होमस्टे में एडवांस बुकिंग तेज, 90 फीसदी तक कमरे आरक्षित।

अयोध्या।
अयोध्या श्रीरामनगरी अयोध्या में भव्य दीपोत्सव के आगमन की दस्तक के साथ ही स्थानीय आतिथ्य सत्कार और पर्यटन उद्योग में अप्रत्याशित उछाल देखने को मिल रहा है। दीपों के महापर्व पर प्रभु श्रीराम की पावन नगरी के आलौकिक और दिव्य वैभव का साक्षी बनने के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की प्रबल संभावना है। इस भारी आमद को देखते हुए राम मंदिर परिसर और मुख्य दीपोत्सव स्थल के निकटवर्ती क्षेत्रों में स्थित होटलों, गेस्ट हाउसों और होमस्टे में कमरों के लिए जबर्दस्त मारामारी शुरू हो गई है, जिसके चलते अधिकांश प्रमुख प्रतिष्ठानों में 90 फीसदी तक कमरे पहले ही आरक्षित हो चुके हैं। मांग में इस तेज बढ़ोतरी ने जहां होटल कारोबारियों के चेहरे खिला दिए हैं, वहीं अत्यधिक दबाव के कारण कमरों के दैनिक किराये में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
दीपोत्सव के मुख्य आयोजन स्थल से मात्र 500 मीटर की दूरी पर स्थित होटल रामप्रस्थ में आगामी 5 से 8 नवंबर के बीच के सभी कमरे पूरी तरह पैक हो चुके हैं, जबकि राम मंदिर से लगभग 200 मीटर दूर स्थित राम होटल में भी 90 प्रतिशत बुकिंग पूरी हो चुकी है। इसके अलावा होटल रामायणा और द नारायणा जैसे प्रमुख होटलों के साथ-साथ सावर्थिया सदन और मानस भवन में भी करीब 70 प्रतिशत कमरे पहले ही बुक किए जा चुके हैं। बड़े होटलों के अतिरिक्त अयोध्याधाम में संचालित होमस्टे और पारंपरिक गेस्ट हाउस भी बाहर से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की पहली पसंद बने हुए हैं। स्थानीय होमस्टे संचालकों के अनुसार क्षेत्र के लगभग 60 फीसदी से अधिक होमस्टे आगामी त्योहार के लिए आरक्षित हो चुके हैं।
होटल एसोसिएशन अयोध्या के मंत्री अरुण अग्रवाल ने बताया कि दीपोत्सव के चलते अयोध्याधाम के लगभग 50 होटलों, 120 गेस्ट हाउसों और करीब 2000 पंजीकृत होमस्टे में कमरों की मांग ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है।
इन परिसरों में ठहरने से श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन करने और दीपोत्सव के मुख्य घाटों तक पैदल पहुंचने में भारी सुगमता होती है, इसलिए केंद्र के आसपास के कमरे लगभग भर चुके हैं। इसके अतिरिक्त दीपोत्सव संपन्न होते ही पारंपरिक रूप से गुजरात से आने वाले श्रद्धालुओं के बड़े जत्थे अयोध्या पहुंचते हैं, जिसके कारण दीपोत्सव के बाद की तिथियों के लिए भी अग्रिम बुकिंग का सिलसिला लगातार जारी है और पूरा नवंबर माह आतिथ्य कारोबार के लिए बेहद लाभकारी रहने के संकेत हैं।
कमरों की भारी किल्लत के चलते ठहरने की दरों में भी श्रेणीवार इजाफा हुआ है। सामान्य होटल जो पहले 2,500 से 3,500 रुपये के दायरे में उपलब्ध थे, उनके दाम अब बढ़कर 2,800 से लेकर 4,500 रुपये प्रति दिन तक पहुंच गए हैं। इसी प्रकार गेस्ट हाउसों का दैनिक किराया पहले के 1,500 से 1,800 रुपये से उछलकर 1,700 से 2,200 रुपये तक हो गया है, जबकि किफायती विकल्प माने जाने वाले होमस्टे के दाम भी 1,000 से 1,500 रुपये की पुरानी दरों से बढ़कर अब 1,200 से 2,000 रुपये के बीच पहुंच चुके हैं।