जेल की दीवार फांदकर फरार हुआ 1 लाख का इनामी बदमाश शेर अली दिल्ली से गिरफ्तार, यूपी एसटीएफ ने दबोचा।

अयोध्या।
अयोध्या उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अयोध्या मंडल कारागार से भाग निकले एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी शेर अली उर्फ शेरा को देश की राजधानी दिल्ली से धर दबोचा है।
मूल रूप से सुल्तानपुर जिले के करौदीकलां अंतर्गत अमरेमऊ गांव का निवासी शेर अली काफी समय से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर फरार चल रहा था। अयोध्या की कोतवाली नगर में दर्ज मुकदमे के आधार पर एसटीएफ की अयोध्या इकाई को इस शातिर अपराधी की धरपकड़ के लिए सक्रिय किया गया था।
उप निरीक्षक सौरभ मिश्रा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने सटीक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से 28 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे दिल्ली के मायापुरी स्थित खजान बस्ती के बी-ब्लॉक में घेराबंदी कर इस भगोड़े को उस वक्त दबोच लिया, जब वह वहां छिपकर अपनी पहचान छुपाने की कोशिश कर रहा था।
कड़ाई से की गई पूछताछ में शेर अली ने बताया कि वर्ष 2024 के दौरान वह अयोध्या के बीकापुर इलाके में टायर रिपेयरिंग का काम करता था, जहां काम के सिलसिले में हुए एक विवाद के बाद उसने अपने साथी कृष्ण कुमार पर गोली चला दी थी। इस जानलेवा हमले के मामले में गिरफ्तारी के बाद उसे अयोध्या मंडल कारागार भेज दिया गया था, जहां उसे तन्हाई बैरक संख्या चार में गोलू अग्रहरि नाम के एक अन्य बंदी के साथ रखा गया था। जेल के भीतर ही दोनों बंदियों ने सुरक्षा व्यवस्था को भेदकर भागने की एक बेहद दुस्साहसिक और सुनियोजित साजिश रच डाली।
शेर अली के खुलासे के अनुसार, 29 जनवरी को उसने और उसके साथी गोलू ने मिलकर रसोई घर से जुटाई गई, लोहे की सब्बल की मदद से अपनी कोठरी के रोशनदान के पास की करीब 25 से 30 ईंटें निकाल दीं। रास्ता साफ होते ही दोनों बंदी कोठरी से बाहर निकले और फिर अपने कंबलों व गमछों को फाड़कर बनाई गई गांठों वाली रस्सी के सहारे जेल की ऊंची चारदीवारी को लांघकर रफूचक्कर हो गए। जेल से फरार होने के बाद से ही शेरा कानून के लंबे हाथों से बचने के लिए अलग-अलग शहरों में अपने ठिकाने लगातार बदल रहा था, लेकिन आखिरकार एसटीएफ की मुस्तैदी ने दिल्ली के घने इलाके से उसे दबोचकर उसकी फरारी के खेल का अंत कर दिया।