
अयोध्या जिले में ढेमवा पुल के रास्ते प्रतिदिन यात्रा करने वाले सोहावल व नबाबगंज के यात्रियों के लिए एक बार फिर नाव ही एक मात्र सहारा बन चुकी है। जान जोखिम में डालकर सैकड़ो लोग छोटे वाहन, सामान सहित निजी नाव के सहारे इस पार से उस पार लाए जा रहे है। शासन-प्रशासन का यहां दूर-दूर तक कहीं अता पता नहीं है।
रौनाही के सरयू घाट ढेमवा पर जब पुल बना तो दोनों तरफ के सैकड़ों गांव के लोगो को अपार खुशी हुई। लोगों की दिनचर्या से नाव गायब हो गई । लेकिन इससे जुड़ी सड़क पुल के किनारों को लेकर गोंडा की ओर गत वर्ष ही बाढ़ में कट कर बह गई। न गोंडा जिले के सियासतदानों को चिंता हुई न अयोध्या के राजनेताओं को , इनके वाहन स्वयं 10 महीने सूखी नदी के रास्ते धूल खाते रहे यह स्वयं आते जाते रहे। सड़क की हालत जस की तस बनी रह गई। इस वर्ष फिर सरयू ने तांडव किया तो नदी के बीच से रास्ता बंद हो गया।
प्रशासन की ओर से ढेमवा पुल पर आवागमन पूरी तरह रोक कर पहरा बैठा दिया गया है। अब वही पुरानी नाव ही फिर लोगों की लाइफ लाइन बन बैठी है, उपजिला अधिकारी ने ढेमवा पुल मार्ग बंद किए जाने की पुष्टि करते हुए बताया बाढ़ और कटान को लेकर प्रशासन सतर्क है। बचाव और राहत के लिए तैयारी पूरी है।
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