कूड़ा उठाने के लिए होगा इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग, प्रदूषण मुक्त बनाने की पहल।

अयोध्या।
अयोध्या श्रीरामनगरी में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नगर निगम की पहल सामने आई है। कूड़ा उठाने के लिए डीजल वाहनों के स्थान पर इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत अयोध्या नगर निगम को 20 इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) प्राप्त हुए हैं, जिनका उपयोग डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में किया जाएगा।
इन वाहनों को भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड (बीईएल) ने सीएसआर फंड के अंतर्गत टाटा मोटर्स के सहयोग से उपलब्ध कराया है। इस पहल से न केवल कूड़ा प्रबंधन में सुधार होगा, बल्कि शहर को प्लास्टिक और प्रदूषण मुक्त बनाने का अभियान भी गति पकड़ेगा।
रविवार को महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार और अन्य गणमान्य जन कचहरी के पास से इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इन इलेक्ट्रिक वाहनों के हासिल होने से महानगर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की प्रक्रिया और अधिक सुगम और पर्यावरण के अनुकूल होगी।
ये वाहन डीजल या पेट्रोल से चलने वाले पारंपरिक वाहनों की तुलना में शून्य उत्सर्जन करते हैं, जिससे शहर में वायु प्रदूषण में कमी आएगी। इन वाहनों के संचालन के लिए अयोध्या में चार स्थानों पर आठ नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। ये स्टेशन न केवल इन वाहनों की चार्जिंग सुनिश्चित करेंगे, बल्कि भविष्य में अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए भी उपयोगी होंगे।
अयोध्या धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विश्वभर में प्रसिद्ध है। अब स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के मामले में भी एक मिसाल बनने की ओर अग्रसर है।
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि इन वाहनों के उपयोग से कूड़ा संग्रहण में तेजी आएगी और शहर के हर कोने तक स्वच्छता सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंचेंगी। ये इलेक्ट्रिक वाहन न केवल कूड़ा प्रबंधन को बेहतर बनाएंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देंगे।