
AI-निर्मित प्रतीकात्मक चित्र
सहारनपुर प्रियंका हत्याकांड का राज आखिरकार खुल गया। तीतरों थाना क्षेत्र के गांव माधोपुर में 29 अक्टूबर की रात अपने ही घर में मृत मिली दो बच्चों की मां प्रियंका को किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि पड़ोस में रहने वाले उसके प्रेमी रोहित उर्फ बुद्धू ने मौत के घाट उतारा था। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी को नानौता-तीतरों मार्ग से दबोच लिया और अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
कहानी जितनी सीधी दिखती है, उतनी है नहीं। एक शादीशुदा महिला, पड़ोस का युवक, सालों पुराना रिश्ता, शक की आग और करवाचौथ की वो रात, जब एक मोबाइल फोन ने पूरा खेल खत्म कर दिया। गांव में जिस मौत को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही थीं, उसका सच अब पुलिस फाइल में दर्ज है।
29 अक्टूबर को प्रियंका का शव उसके घर में मिला तो पूरे गांव में सनसनी फैल गई। तीतरों पुलिस और फील्ड यूनिट मौके पर पहुंची, साक्ष्य जुटाए गए। शुरू में मौत की वजह साफ नहीं थी। प्रियंका का पति रामफल शामली में नौकरी करता है और घटना के वक्त घर पर नहीं था। फिर पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, जिसमें मौत की वजह दम घुटना निकली। यहीं से मामला हत्या की तरफ मुड़ गया।
पति रामफल की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ शुरू की। परिवार के लोगों से बातचीत में एक नाम बार-बार सामने आया, पड़ोसी रोहित। इसके बाद तकनीकी साक्ष्य खंगाले गए और शक यकीन में बदलता चला गया।
पुलिस की पूछताछ में जो सामने आया, वह चौंकाने वाला है। प्रियंका और रोहित के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। रिपोर्टों के मुताबिक यह रिश्ता करीब आठ साल पुराना था। लेकिन पिछले करीब तीन महीनों से दोनों के बीच मनमुटाव चल रहा था। रोहित को शक हो गया था कि प्रियंका अब किसी और से बात करती है और उससे दूरी बनाना चाहती है। इसी शक ने दोनों के बीच कई बार झगड़े करवाए।
एसपी देहात मयंक पाठक के मुताबिक 29 अक्टूबर की रात रोहित प्रियंका के घर पहुंचा। उसने प्रियंका का मोबाइल फोन छीनकर उसे चेक करने की कोशिश की। प्रियंका ने विरोध किया तो कहासुनी शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ी कि रोहित ने गुस्से में प्रियंका का गला दबा दिया। कुछ ही मिनटों में सब खत्म हो गया। जिस रात सुहागिनें पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं, उसी रात यह महिला एक सनकी शक की भेंट चढ़ गई।
वारदात के बाद रोहित वहां से निकल गया और गांव में सामान्य बने रहने की कोशिश करता रहा। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिवार के बयानों ने उसकी पोल खोल दी। शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
माधोपुर में इस घटना के बाद सन्नाटा है। दो मासूम बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया, पति नौकरी के सिलसिले में बाहर था और घर के भीतर एक ऐसा रिश्ता पल रहा था, जिसका अंत कत्ल पर हुआ। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी साक्ष्य जुटाकर मजबूत चार्जशीट दाखिल की जाएगी ताकि आरोपी को कड़ी सजा मिल सके।
यह मामला फिर दिखाता है कि अवैध रिश्तों में पनपा शक कितना खतरनाक हो सकता है। एक मोबाइल फोन, कुछ मैसेज का शक और गुस्से का एक पल, और एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। पुलिस अब यह भी देख रही है कि वारदात में किसी और की कोई भूमिका तो नहीं थी।
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