मामा से बदला लेने को जंगल में बैठकर ढूंढा “शिकार”: आरामबाग में बुजुर्ग मनसा बाग का कत्ल, कटा हाथ मामा के घर में छिपाया

आरामबाग मनसा बाग हत्याकांड का जो सच सामने आया है, वह किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में एक बुजुर्ग को सिर्फ इसलिए मार डाला गया क्योंकि कातिल को अपने मामा से बदला लेना था। मरने वाले का न कातिल से कोई झगड़ा था, न मामा से कोई लेना-देना। वह बस गलत वक्त पर जंगल में अकेला था। आरोपी शेख साहिद ने पुलिस के सामने घटनास्थल पर पूरी वारदात दोहराई तो जांच अधिकारी भी सन्न रह गए।

कहानी 23 जून से शुरू होती है, जब आरामबाग के चंदूर जंगल के भीतर स्थानीय निवासी मनसा बाग का लहूलुहान शव मिला। उनका दाहिना हाथ कलाई से कटा हुआ था और गायब था। गांव में दहशत फैल गई। कुछ लोगों को लगा कि किसी जंगली जानवर ने हमला किया है, लेकिन कलाई पर कटे हाथ ने साफ कर दिया कि यह इंसान का काम है।

आरामबाग मनसा बाग हत्याकांड: महीनों तक अंधेरे में रही पुलिस

शुरुआत में इस ब्लाइंड मर्डर का कोई सिरा हाथ नहीं लग रहा था। आरामबाग पुलिस ने बार-बार फॉरेंसिक जांच कराई, खोजी कुत्तों का दस्ता बुलाया और विशेषज्ञों की मदद ली। आखिरकार कटा हुआ हाथ चंडीतला में एक निर्माणाधीन मकान से बरामद हुआ। यहीं से जांच की दिशा बदली और पुलिस चंडीतला के युवक शेख साहिद तक पहुंची, जिसे अक्टूबर में गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत ने उसे हिरासत में भेजा और पूछताछ में उसने जुर्म कबूल किया।

  • मृतक: मनसा बाग, बुजुर्ग, स्थानीय निवासी
  • शव मिला: 23 जून, चंदूर जंगल, आरामबाग (हुगली)
  • आरोपी: शेख साहिद, निवासी चंडीतला
  • निशाना कौन था: मामा शेख बिल्टू, जिसे हत्या में फंसाना था
  • कटा हाथ कहां मिला: मामा के चंडीतला स्थित निर्माणाधीन घर से

मामा ने की थी बेइज्जती, भांजे ने रची खौफनाक साजिश

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में साहिद ने बताया कि उसका मामा शेख बिल्टू से विवाद था। उसका आरोप था कि मामा ने उसके साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की थी। तभी से वह बदला लेने की फिराक में था। लेकिन उसका तरीका ऐसा था, जिसे सुनकर कोई भी कांप जाए। उसने सोशल मीडिया पर चंदूर जंगल में पहले हुई एक हत्या की खबर देखी और वहीं से उसके दिमाग में योजना ने जन्म लिया: किसी अनजान को मारो, उसका कोई अंग मामा के घर में छिपा दो और पुलिस खुद मामा को उठा ले जाएगी।

बस से जंगल पहुंचा, घंटों किया इंतजार

इसी साजिश के तहत साहिद बस पकड़कर चंदूर पहुंचा और जंगल में छिपकर किसी अकेले शख्स का इंतजार करने लगा। तभी उसकी नजर बुजुर्ग मनसा बाग पर पड़ी, जो जंगल में अकेले थे। आरोप है कि उसने पहले ईंट से उनके सिर पर वार किया और फिर मौत पक्की करने के लिए धारदार हथियार से कई बार गोदा। इसके बाद उसने बुजुर्ग का दाहिना हाथ कलाई से काट लिया और उसे ले जाकर मामा के निर्माणाधीन मकान में छिपा दिया, ताकि हाथ बरामद होते ही शक की सुई सीधे मामा पर घूमे।

शुक्रवार को पुलिस आरोपी को चंदूर जंगल लेकर गई और क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्शन कराया। वहां साहिद ने एक-एक कदम दोहराकर बताया कि उसने कैसे इंतजार किया, कैसे हमला किया और कैसे हाथ काटकर ले गया। जांच अधिकारियों के लिए यह बयान केस की सबसे मजबूत कड़ी बन गया है।

परिवार का सवाल: दूसरों की दुश्मनी में हमारी क्या गलती?

सच सामने आने के बाद मनसा बाग का परिवार टूट गया है। परिजनों का कहना है कि वे मान ही नहीं पा रहे कि उनके घर का बुजुर्ग किसी और के आपसी झगड़े की भेंट चढ़ गया। परिवार ने आरोपी को सबसे कड़ी सजा देने की मांग की है। इलाके में भी गुस्सा है कि बदले की आग में कोई इंसान इस हद तक गिर सकता है कि राह चलते बेगुनाह की जान ले ले। पुलिस अब मजबूत चार्जशीट की तैयारी में है।

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