21 दिन तक परिवार ने रात-रात भर कब्र की रखवाली की, क्योंकि डर था कि तांत्रिक लाश के साथ कुछ कर न दें। जैसे ही पहरा हटा, वही हुआ जिसका डर था। ओडिशा के नबरंगपुर जिले में एक युवती की मौत के 42 दिन बाद उसकी कब्र खोदी गई, लाश से सिर और दोनों हाथ काटकर ले जाए गए और कब्र के अंदर दो मुर्गों की बलि दी गई। नबरंगपुर कब्र तंत्र मंत्र कांड के सामने आने के बाद पूरा गांव दहशत में है।
नबरंगपुर कब्र तंत्र मंत्र: चेचक से हुई थी मौत, जलाने की जगह दफनाया
मामला नंदाहांडी ब्लॉक के नरसिंहगुड़ा गांव का है, जो तेंतुलीखुंटी थाना क्षेत्र में आता है। गांव की 27 साल की अविवाहित युवती नीलांद्री माझी की 26 सितंबर को मौत हो गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक मौत के वक्त उसे चेचक थी। परिवार का मानना था कि उसके शरीर में किसी दैवीय शक्ति का वास हुआ है, इसलिए उन्होंने उसका दाह संस्कार करने के बजाय गांव के श्मशान में उसे दफना दिया।
स्थानीय मान्यता के अनुसार परिवार ने पहले 21 दिन तक कब्र पर पहरा दिया, क्योंकि इलाके में आशंका रहती है कि तंत्र-मंत्र करने वाले ऐसी लाशों को निशाना बनाते हैं। 21 दिन बाद परिवार ने निगरानी छोड़ दी, और यहीं से कहानी ने खौफनाक मोड़ ले लिया।
- मृतका: नीलांद्री माझी, उम्र 27 साल, अविवाहित
- मौत: 26 सितंबर, चेचक के दौरान
- जगह: नरसिंहगुड़ा गांव, तेंतुलीखुंटी थाना, नबरंगपुर (ओडिशा)
- क्या गायब: सिर और दोनों हाथ
- कब्र में मिला: बलि दिए गए दो मुर्गे और पूजा-तंत्र की सामग्री
सुबह शौच को निकले ग्रामीणों ने देखी खुदी कब्र
मौत के 42वें दिन सुबह कुछ ग्रामीण शौच के लिए निकले तो उनकी नजर खुदी हुई कब्र पर पड़ी। उन्होंने तुरंत परिवार को खबर दी। परिजन और गांव वाले मौके पर पहुंचे तो कब्र के भीतर दो मुर्गों की बलि दी गई थी और आसपास तंत्र-मंत्र में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बिखरी पड़ी थी। लाश का सिर गायब था। सदमे में डूबे परिवार ने उसी वक्त शव को दोबारा दफना दिया।
मजिस्ट्रेट के सामने दोबारा कब्र खुली, हाथ भी गायब
पहले नबरंगपुर के एसडीपीओ कृष्ण चंद्र भात्रा ने कहा था कि परिवार की ओर से औपचारिक शिकायत नहीं मिली है और शिकायत मिलने पर शव निकालकर जांच होगी। इसके बाद गुरुवार को तेंतुलीखुंटी पुलिस, साइंटिफिक टीम और अतिरिक्त तहसीलदार सीमांचल पात्र मौके पर पहुंचे। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र दोबारा खोदी गई। अतिरिक्त तहसीलदार ने बताया कि शव का सिर और दोनों हाथ गायब मिले। पुलिस ने मृतका के भाई अभिमन्यु माझी का बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खोपड़ी से “गुप्त धन” की चाहत?
गांव में अब यही चर्चा है कि क्या यह किसी तांत्रिक अनुष्ठान के लिए खोपड़ी हासिल करने की करतूत है, या फिर गुप्त धन पाने के अंधविश्वास में किसी ने यह घिनौना काम किया। लोग डरे हुए हैं और जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने की मांग कर रहे हैं। 21वीं सदी में भी अंधविश्वास का यह चेहरा बताता है कि जागरूकता की लड़ाई अभी कितनी लंबी है।
यह भी पढ़ें: क्राइम की हर बड़ी खबर
अयोध्या और देश-दुनिया की हर बड़ी खबर के लिए पढ़ते रहें ऑनलाइन समाचार अयोध्या।
