मेरठ समरीन हत्याकांड ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। परतापुर थाना क्षेत्र के बिजली बंबा बाईपास पर प्रेमी ने प्रेमिका का गला दबाकर हत्या कर दी, और फिर खुद पुलिस को फोन करके बताया कि उसने यह जुर्म किया है। कॉल सेंटर में नौकरी करने वाली समरीन की लाश जब मौके पर मिली, तो हैंडबैग में आधार कार्ड और मोबाइल से उसकी शिनाख्त हुई। शुक्रवार को आरोपी फिरोज को अदालत ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
अमर उजाला और भास्कर की रिपोर्टों के मुताबिक समरीन और फिरोज के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध चल रहे थे। परिजनों को जब इस रिश्ते का पता चला तो उन्होंने विरोध किया और फिरोज के खिलाफ लिसाड़ीगेट थाने में शिकायत भी दर्ज कराई। इसके बाद परिवार ने समरीन का रिश्ता कहीं और तय कर दिया। यही बात आरोपी के लिए कथित तौर पर कत्ल का कारण बनी।
मेरठ समरीन हत्याकांड: तीन साल का रिश्ता, एक फोन कॉल पर बुलाया
पुलिस के अनुसार समरीन लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र की रहने वाली थीं और फतेहउल्लाहपुर के एक कॉल सेंटर में काम करती थीं। उम्र को लेकर रिपोर्टों में 23 से 25 साल तक का जिक्र है। पड़ोस में रहने वाले फिरोज से करीब तीन साल से प्रेम प्रसंग था। गुरुवार को फिरोज ने समरीन को बिजली बंबा बाईपास पर मिलने बुलाया। वहां शादी की बात पर दोनों के बीच तीखी बहस छिड़ गई।
- वारदात: गुरुवार, बिजली बंबा बाईपास, थाना परतापुर, मेरठ
- मृतका: समरीन, कॉल सेंटर कर्मचारी, पुत्री इस्माइल
- आरोपी: पड़ोसी प्रेमी फिरोज, स्वयं पुलिस को सूचना दी
- मौत का तरीका: गला दबाकर हत्या का आरोप
- अदालती कार्रवाई: शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया
शादी की जिद और गला दबाने का आरोप
एसपी सिटी की ओर से दिए गए बयानों के मुताबिक मुलाकात के दौरान समरीन शादी करने की जिद कर रही थीं, जबकि फिरोज परिजनों के विरोध और पहले दर्ज केस को लेकर परेशान बताया गया। विवाद बढ़ने पर फिरोज ने कथित तौर पर हाथापाई की और गला दबाकर समरीन की हत्या कर दी। भारत टुडे की रिपोर्ट में यह भी आया कि समरीन शादी के लिए दबाव बना रही थीं और बहस के दौरान यह वारदात हुई।
हत्या के बाद फिरोज मौके से भागा नहीं। उसने खुद पुलिस को फोन कर बताया कि उसने समरीन की हत्या कर दी है और शरीर कहां पड़ा है। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची, फिरोज को हिरासत में लिया और मोटरसाइकिल भी बरामद की। मौके पर समरीन की सैंडल और हैंडबैग पड़े मिले। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए और शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
परिवार ने पहले ही थाने का दरवाजा खटखटाया था
जांच में सामने आया कि समरीन के परिजनों को रिश्ते की जानकारी होने के बाद उन्होंने फिरोज के खिलाफ लिसाड़ीगेट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद उन्होंने समरीन का रिश्ता दूसरी जगह तय कर दिया। पुलिस का कहना है कि इसी बात से नाराज होकर फिरोज ने समरीन को बुलाया और यह कांड अंजाम दिया। भाई फैजल की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ।
सीओ ब्रह्मपुरी समेत पुलिस अधिकारी घटना की गहन जांच कर रहे हैं। अदालत में पेशी के बाद फिरोज न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। एक प्रेम कहानी जो शादी की आस में शुरू हुई थी, बाईपास के किनारे खून में खत्म हो गई। मेरठ पुलिस अब साक्ष्यों को मजबूत कर चार्जशीट की तैयारी में है।
कॉल सेंटर से निकलीं, बाईपास पर खत्म हुई जिंदगी
रिपोर्टों के मुताबिक गुरुवार सुबह समरीन के छोटे भाई ने उन्हें कॉल सेंटर छोड़ने के लिए छोड़ा था। इसके बाद वह फिरोज के साथ बिजली बंबा बाईपास इलाके में पहुंचीं। कुछ रिपोर्टों में शतब्दी नगर के पास जंगल/खेत का भी जिक्र है, जहां बहस के बाद वारदात हुई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो समरीन की सैंडल और हैंडबैग पड़े मिले। हैंडबैग में मोबाइल और आधार कार्ड से शिनाख्त हुई और भाई फैजल को सूचना दी गई।
भारत टुडे ने एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले के हवाले से लिखा कि सुबह करीब 10 बजे शतब्दी नगर में महिला के शव की सूचना देने वाले कॉलर ने खुद को फिरोज बताया और कबूल किया कि बहस के बाद उसने गला दबाकर हत्या की। अमर उजाला की बाद की रिपोर्ट में आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने की पुष्टि हुई। पुलिस अब चार्जशीट के लिए तकनीकी और फॉरेंसिक सबूत जुटा रही है।
गली-मोहल्ले में लोग सदमे में हैं। तीन साल का रिश्ता, परिवार का विरोध, दूसरी जगह तय रिश्ता और फिर बाईपास पर खून। मेरठ समरीन हत्याकांड एक बार फिर याद दिलाता है कि जब रिश्ते गुस्से और जिद में बदल जाएं तो नतीजा कितना खतरनाक हो सकता है। अदालत अब आगे की सुनवाई करेगी।
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