नौकरी और आवास दिलाने के नाम पर 60 लाख रुपये की धोखाधड़ी।

अयोध्या।
अयोध्या जिले के बीकापुर कोतवाली इलाके से एक बड़े फर्जीवाड़े का हैरान करने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहां सरकारी नौकरी और पक्का मकान दिलाने का लालच देकर 60 लाख रुपये की भारी-भरकम ठगी को अंजाम दिया गया है।
स्थानीय पुलिस द्वारा पीड़ित की फरियाद को अनसुना कर देने के बाद अंततः न्यायालय ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया। अदालत के सख्त आदेश के अनुपालन में मंगलवार की रात बीकापुर पुलिस ने मुख्य आरोपियों और एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर गहन छानबीन का सिलसिला शुरू कर दिया है।
इस पूरी जालसाजी के खेल की शुरुआत तब हुई, जब पीड़ित धनीराम यादव की मुलाकात राम संवारे वर्मा नामक व्यक्ति के जरिए उसके एक रिश्तेदार अरुण कुमार वर्मा से कराई गई।
ठगी की पुख्ता साजिश रचने वाले अरुण ने अपना झूठा रसूख दिखाते हुए खुद को कभी केंद्रीय गृह मंत्रालय का बड़ा अधिकारी बताया, तो कभी भारत पेट्रोलियम में तैनात कर्मचारी होने का दावा किया। लोगों का विश्वास जीतने के लिए उसने खुद को ओम कंस्ट्रक्शन कंपनी का संचालक भी बताया। इसी फर्जी रुतबे का फायदा उठाकर उसने पीड़ित को राज्य सचिवालय में संविदा पर क्लर्क की नौकरी लगवाने और शहरी आवास योजना के तहत सरकारी मकान आवंटित कराने का सुनहरा सपना दिखाया था।
आरोपी के इस लुभावने झांसे में आकर धनीराम, उनके भाई मनीराम यादव और परिवार के अन्य करीबियों ने अपनी गाढ़ी कमाई उसके हवाले कर दी। साल 2018 से लेकर 2020 के बीच इन लोगों ने नकद और ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर के माध्यम से ओम कंस्ट्रक्शन कंपनी के बैंक खाते में करीब साठ लाख रुपये की बड़ी रकम जमा कराई। काफी लंबा समय बीत जाने के बाद भी जब न तो किसी को वादे के मुताबिक नौकरी मिली और न ही मकान का आवंटन हुआ, तब पीड़ितों को अपने साथ हुए इस बड़े धोखे का अहसास हुआ। जब धनीराम ने अपना पैसा वापस मांगना शुरू किया, तो आरोपियों ने न सिर्फ उनके फोन उठाने बंद कर दिए, बल्कि सामने पड़ने पर भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए उन्हें डरा-धमका कर भगा दिया। लगातार धमकियां मिलने और अपनी पूंजी डूबती देख वादी ने स्थानीय पुलिस से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन वहां से कोई भी संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस की इस कार्यशैली से हताश होकर पीड़ित को अंततः न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अदालत के सामने यह गंभीर तथ्य भी रखा गया कि ये जालसाज इसी तरह जमीन, मकान और रोजगार का फर्जीवाड़ा कर कई भोले-भाले लोगों को लगातार अपना शिकार बनाते आए हैं। अब न्यायालय के कड़े निर्देश पर पुलिस ने अरुण कुमार वर्मा, राम संवारे वर्मा और उनकी कंपनी से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।