images 4 - हर-हर महादेव के जयघोष से सावन के पहले सोमवार को शिवमय हुई श्रीरामनगरी।

हर-हर महादेव के जयघोष से सावन के पहले सोमवार को शिवमय हुई श्रीरामनगरी।

अयोध्या उत्तर प्रदेश

हर-हर महादेव के जयघोष से सावन के पहले सोमवार को शिवमय हुई श्रीरामनगरी।

images 4 - हर-हर महादेव के जयघोष से सावन के पहले सोमवार को शिवमय हुई श्रीरामनगरी।

अयोध्या।
अयोध्या श्रीरामनगरी में सावन माह शुरू होते ही शिव भक्ति के रंग में रंगी नजर आई। सावन के पहले सोमवार को नागेश्वर नाथ मंदिर सहित अयोध्या के सभी शिवालयों में शिव भक्त उमड़े। मां सरयू में स्नान कर श्रद्धालु कतारबद्ध होकर भगवान शंकर के शिवलिंग पर जलाभिषेक करने पहुंचे। ’बम बम भोले’ और ’हर-हर महादेव’ के जयकारों से रामनगरी शिवमय हो उठी। भक्तों और कांवड़ियों की सुविधा-सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की थीं, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है। भक्तों ने जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक करने के बाद हनुमानगढ़ी और श्रीराम मंदिर में भी दर्शन पूजन किया।
अयोध्या के सिद्धपीठ नागेश्वर नाथ मंदिर में सुबह चार बजे से ही दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो गया। पौराणिक आख्यानों के अनुसार नागों के आवाहन पर भगवान शिव यहां स्वंय प्रकट हुए थे जिस कारण इसका नाम नागेश्वर नाथ पड़ा। शिव भक्तों ने मां सरयू में स्नान कर मंदिर में जलाभिषेक किया। कांवड़ियों ने भी सरयू नदी से जल भरकर भगवान शिव को अर्पित किया, यह सावन की परंपरा का विशेष हिस्सा है। मंदिर परिसर को फूलों और रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया था। यहां विशेष रुद्राभिषेक व भजन-कीर्तन की व्यवस्था की गई थी।
क्षीरेश्वर नाथ मंदिर के पुजारी रुद्र प्रकाश मिश्र ने बताया कि मंदिर में बाबा के दर्शन के लिए भोर में तीन बजे से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। इस मंदिर की बहुत मान्यताएं हैं। बताया जाता है कि यहां महाराज दशरथ ने पुत्र प्राप्ति के लिए रुद्राभिषेक किया था। इस बार श्रद्धालु पिछले वर्ष से कहीं अधिक हैं।
अयोध्या में मुख्य रूप से नागेश्वर नाथ और क्षीरेश्वर नाथ मंदिर में दूरदराज से आने वाले श्रद्धालु पहुंचे तो वहीं कोटेश्वर नाथ, दर्शनेश्वर नाथ, कुबेरेश्वर नाथ, चंद्रा हरि मंदिर, अमानीगंज में स्थित सिद्धनाथ मंदिर, मऊ शिवाला में स्थित शिव मंदिर, गुप्तार घाट स्थित अनादि पंचमुखी महादेव मंदिर सहित अन्य शिवालयों पर देर रात तक हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे।
प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए चिकित्सा, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की है। जगह-जगह पेयजल, शौचालय और छायादार स्थानों की व्यवस्था की गई है। नगर निगम और जिला प्रशासन ने शहर की साफ-सफाई के लिए दो हजार से अधिक सफाईकर्मियों को तैनात किया है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिले।
कांवड़ यात्रा और सावन मेले के दौरान संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सरकार ने सावन के दौरान श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है। मंदिर परिसरों और कांवड़ मार्गों पर चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं, जहां चिकित्सक और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में चिकित्सा सुविधाओं में कमी नहीं होनी चाहिए।

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