सुलतानपुर / अयोध्या (ऑनलाइन समाचार अयोध्या ब्यूरो): उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में अवैध खनन रोकने गई राजस्व टीम पर जानलेवा हमला करने और नायब तहसीलदार का पैर तोड़ने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने चौबीस घंटे के भीतर बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। पुलिस और बदमाशों के बीच दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई मुठभेड़ों में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से तीन मुख्य आरोपियों के पैर में पुलिस की जवाबी फायरिंग में गोली लगी है।
📌 मामले के 3 मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- अवैध खनन का विरोध करने पर हमला: रामनगर इमिलिया में जांच करने पहुंचे नायब तहसीलदार धर्मेंद्र यादव और लेखपालों पर माफियाओं ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
- दो अलग-अलग मुठभेड़: पुलिस ने पहली मुठभेड़ कोतवाली नगर के खैंचिला और दूसरी मुठभेड़ अखंडनगर क्षेत्र में कर 5 आरोपियों को दबोचा।
- 3 बदमाशों को लगी गोली: जवाबी कार्रवाई में आरोपी राहुल सिंह, संदीप सिंह और प्रशांत सिंह के पैर में गोली लगी; हथियार, कारतूस और स्कॉर्पियो जब्त।
कैसे हुआ था राजस्व टीम पर जानलेवा हमला?
घटना सुलतानपुर के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामनगर इमिलिया गांव की है। यहां अवैध रूप से मिट्टी और बालू खनन की लगातार शिकायतें प्रशासन को मिल रही थीं। सूचना के सत्यापन और मौके पर कार्रवाई के लिए नायब तहसीलदार धर्मेंद्र यादव राजस्व टीम (लेखपालों) के साथ मौके पर पहुंचे थे।
जैसे ही राजस्व अधिकारियों ने मौके पर अवैध रूप से चल रहे डंपर और खनन मशीनरी को रोकने का प्रयास किया, खनन माफिया और उनके दर्जनों गुर्गों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से टीम पर हमला बोल दिया। इस हमले में दो लेखपालों को बंधक बनाकर पीटा गया, जबकि नायब तहसीलदार धर्मेंद्र यादव पर जानलेवा प्रहार कर उनका पैर तोड़ दिया गया। अधिकारियों को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन: 2 मुठभेड़ और 5 गिरफ्तार
सरकारी अधिकारियों पर हमले की इस दुस्साहसिक वारदात के बाद शासन और पुलिस महकमा तत्काल एक्शन मोड में आ गया। पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर एसओजी और संबंधित थानों की कई टीमें आरोपियों की तलाश में लगा दी गईं।
1. पहली मुठभेड़ (खैंचिला, कोतवाली नगर):
पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि हमले में शामिल कुछ आरोपी भागने की फिराक में हैं। खैंचिला के पास जब पुलिस ने घेराबंदी की तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी राहुल सिंह के पैर में गोली लगी और वह गिर पड़ा। मौके से पुलिस ने राहुल सिंह के साथ उसके साथी नौशाद और मनोज सिंह को भी दबोच लिया।
2. दूसरी मुठभेड़ (अखंडनगर क्षेत्र):
इसी क्रम में दूसरी टीम ने अखंडनगर थाना क्षेत्र में दबिश दी। यहां भी बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायर झोंक दिया। जवाबी फायरिंग में दो सगे भाइयों—संदीप सिंह और प्रशांत सिंह के पैरों में गोली लगी। दोनों को तत्काल काबू कर हिरासत में लिया गया।
अवैध हथियार, स्कॉर्पियो और खनन डंपर बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, वारदात में प्रयुक्त सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी और अवैध खनन में इस्तेमाल किए जा रहे डंपर जब्त कर लिए हैं। घायल आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में जिला अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया है।
लापरवाह पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने स्थानीय स्तर पर लापरवाही बरतने वाले पुलिस चौकी कर्मियों के खिलाफ भी विभागीय जांच बैठा दी है और कुछ कर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
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