रामसेतु निर्माण में योगदान देने वाली गिलहरी को विशेष स्थान।

अयोध्या।
अयोध्या श्रीराम नगरी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने सोमवार को मंदिर परिसर का स्थलीय निरीक्षण कर चल रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पीएफसी बिल्डिंग, सप्त मंडप और जूताघर का भ्रमण किया और इंजीनियरों व अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माण की प्रगति का आकलन किया।
चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि मंदिर निर्माण अब अंतिम चरण में है, इसलिए गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि अयोध्या को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करना आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान कई अहम निर्णय लिए गए। रामसेतु निर्माण में योगदान देने वाली गिलहरी को विशेष स्थान देते हुए उसकी प्रतिमा अंगद टीले पर स्थापित की गई है, जहां से वह मंदिर की ओर निहार रही है। वहीं मंदिर परिसर की सुरक्षा को देखते हुए चार किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल के पास 25 वॉच टावर बनाए जाएंगे। पुलिस गुमटी को समन्वय के साथ नए स्थान पर शिफ्ट करने की तैयारी भी चल रही है। इसके अलावा संग्रहालय में रामायण से जुड़ी मूल प्रतियां रखने की योजना है। इसके लिए सभी प्रदेश सरकारों से रामायण की प्रति उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है। गेट नंबर 11 का निर्माण भी तेजी से चल रहा है, जिसे 15 अक्टूबर तक पूरा कर नामकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन के साथ सुरक्षा ढांचे की रूपरेखा पर मंगलवार को विस्तृत बैठक होगी।
चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में सतर्कता और पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है।