1790264439019 - दीपोत्सव 2026 में जलेंगे करीब 30 लाख दीप, 2100 ड्रोन का मेगा शो बनेगा मुख्य आकर्षण।

दीपोत्सव 2026 में जलेंगे करीब 30 लाख दीप, 2100 ड्रोन का मेगा शो बनेगा मुख्य आकर्षण।

अयोध्या उत्तर प्रदेश

दीपोत्सव 2026 में जलेंगे करीब 30 लाख दीप, 2100 ड्रोन का मेगा शो बनेगा मुख्य आकर्षण।

1790264439019 - दीपोत्सव 2026 में जलेंगे करीब 30 लाख दीप, 2100 ड्रोन का मेगा शो बनेगा मुख्य आकर्षण।

अयोध्या।
अयोध्या श्रीरामनगरी में इस वर्ष आयोजित होने वाले भव्य ‘दीपोत्सव-2026’ को अभूतपूर्व, भव्य और नवाचारों से युक्त स्वरूप देने के लिए प्रदेश सरकार ने व्यापक रूपरेखा तैयार कर ली है।

बुधवार को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दीपोत्सव को जनभागीदारी से जोड़ने, युवाओं को सांस्कृतिक विरासत का वाहक बनाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहुंच बढ़ाने से जुड़े कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए।

इस वर्ष के आयोजन में नवाचार (इनोवेशन) का समावेश करने के लिए विभाग ‘MyGov UP’ डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आम जनमानस और युवाओं से रचनात्मक सुझाव आमंत्रित करेगा। बैठक में दीपोत्सव-2026 के अवसर पर करीब 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित कर नया कीर्तिमान स्थापित करने, नगर की प्रमुख सड़कों व सरयू तट को रामायणकालीन प्रसंगों पर आधारित कलाकृतियों से सुसज्जित करने की कार्ययोजना पर मुहर लगाई गई।

इस वर्ष के दीपोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 2,100 ड्रोन्स का एक विशाल और आधुनिक एरियल शो होगा। योजना के तहत यह भव्य ड्रोन शो दीपोत्सव की मुख्य संध्या के साथ-साथ दो दिन बाद होने वाले पारंपरिक ‘जमघट’ के अवसर पर भी आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा आसमान में अद्भुत दृश्य बिखेरते म्यूजिकल ग्रीन फायरक्रैकर्स (हरित आतिशबाजी), सजीव सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, 3D प्रोजेक्शन मैपिंग और हाई-टेक लेजर शो दीपोत्सव की भव्यता में चार चांद लगाएंगे।

आयोजन में वैश्विक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न राष्ट्रों के पर्यटन व संस्कृति मंत्रियों अथवा उनके उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही 30 से अधिक देशों में स्थित भारतीय दूतावासों और राजदूतों के माध्यम से प्रवासी भारतीयों (NRIs) को अयोध्या दीपोत्सव में सम्मिलित होने का विशेष न्योता भेजा जाएगा।

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि धर्मनगरी में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रमुख मार्गों पर बहुभाषी साइनेज और दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएं। उन्होंने पैदल आवागमन सुगम रखने के लिए सेल्फी प्वाइंट्स को भीड़भाड़ से अलग सुरक्षित स्थानों पर विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही रामायण के विभिन्न कांडों पर आधारित सड़क किनारे स्थापित किए जाने वाले आर्ट इंस्टॉलेशन के नीचे सरल और संक्षिप्त भाषा में एक पंक्ति का विवरण अंकित करने को कहा गया, ताकि हर वर्ग के श्रद्धालु और आगंतुक प्रभु श्रीराम के जीवन दर्शन को सहजता से आत्मसात कर सकें।

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