अंतरराज्यीय गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा, कार से 74 किलो गांजे के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार।

अयोध्या।
अयोध्या जिले की मवई थाना पुलिस, स्वाट (SWAT) और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 74 किलो 645 ग्राम अवैध गांजे के साथ दो शातिर तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बरामद किए गए उच्च कोटि के गांजे का बाजार मूल्य लाखों रुपये आंका गया है। तस्कर यह खेप ओडिशा से लग्जरी कार के भीतर विशेष तौर पर तैयार कराए गए गुप्त बॉक्स में छिपाकर लखनऊ खपाने ले जा रहे थे।
मिली प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सटीक सूचना मिली कि राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (लखनऊ-गोरखपुर हाईवे) के रास्ते एक हुंडई वरना कार में गांजे की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए मवई पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम ने मवई चौराहा ओवरब्रिज के समीप सर्विस लेन पर रणनीतिक घेराबंदी की। कुछ ही देर में संदिग्ध कार मौके पर पहुंची, जिसे पुलिस बल ने चारों तरफ से घेरकर रोक लिया।
वाहन की सघन तलाशी के दौरान पुलिस टीम को कार की पिछली सीटों के नीचे शातिराना अंदाज में वेल्डिंग कर बनाया गया एक गुप्त बॉक्स (कैविटी) मिला। बॉक्स को खोलने पर उसमें से कई पैकेटों में भरा कुल 74 किलो 645 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से तस्करी में प्रयुक्त हुंडई वरना कार को जब्त करते हुए दोनों सवारों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस की गहन पूछताछ में पकड़े गए अभियुक्तों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए कार्यप्रणाली का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे पुरानी गाड़ियों को खरीदकर उनके फर्श और सीटों के नीचे गुप्त केबिन बनवाते थे। इसके बाद ओडिशा के दूरदराज इलाकों से बेहद सस्ते दामों पर गांजा खरीदकर इन गुप्त बॉक्सों में भर लेते थे, ताकि रास्ते में पड़ने वाली जांच चौकियों पर किसी को शक न हो। इस खेप को वे लखनऊ और आसपास के जनपदों में फुटकर व थोक पैडलरों को भारी मुनाफे पर ऊंचे दामों में बेचते थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान कृष्ण गोपाल श्रीवास्तव (निवासी अस्तबल यहियागंज, थाना चौक, जनपद लखनऊ) और अरविंद कुमार वर्मा (निवासी बूड़नपुर मोतीघारपुर, थाना बसखारी, जनपद अंबेडकरनगर) के रूप में हुई है। मवई थाने में दोनों आरोपियों के विरुद्ध नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है।
इस सफल अभियान को अंजाम देने के बाद, विधिक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत दोनों अभियुक्तों को सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से अदालत के आदेश पर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।