तेहरान / नई दिल्ली (ऑनलाइन समाचार अयोध्या ब्यूरो): दुनिया के सबसे अहम तेल समुद्री रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से एक बार फिर आग की खबर आई है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को दावा किया कि दो तेल टैंकर और एक टगबोट (Tugboat) अलग-अलग घटनाओं में आग की चपेट में आ गए। IRGC के मुताबिक ये जहाज होर्मुज के “अनधिकृत और गैरकानूनी” रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। समाचार एजेंसी रॉयटर्स (Arab News के जरिये) और चीनी एजेंसी शिन्हुआ ने IRGC के इस बयान की जानकारी दी है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इन घटनाओं की अब तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फाइल फोटो (प्रतीकात्मक): फारस की खाड़ी में तेल टर्मिनल पर खड़े टैंकर (2004)। यह तस्वीर ताजा घटना की नहीं है। फोटो: U.S. Navy / Wikimedia Commons (Public Domain)।
📌 होर्मुज घटना के 4 बड़े बिंदु (Key Highlights):
- 2 टैंकर, 1 टगबोट में आग: IRGC के अनुसार एक टैंकर दक्षिणी रास्ते में समुद्री माइन से टकराया, दूसरा सुपरटैंकर पूर्वी हिस्से में आग की चपेट में आया।
- मदद करने गई टगबोट भी जली: दूसरे टैंकर की आग बुझाने पहुंची टगबोट में भी आग लग गई, ऐसा IRGC ने कहा।
- एक हफ्ते में तीसरा दावा: 2 और 3 नवंबर को भी ईरान ने टैंकरों के माइन से टकराने और आग लगने का दावा किया था।
- स्वतंत्र पुष्टि नहीं: जहाजों के नाम, क्रू या नुकसान का ब्योरा जारी नहीं हुआ; अमेरिकी पक्ष की तत्काल प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई।
होर्मुज में क्या हुआ? IRGC का पूरा बयान
शिन्हुआ के अनुसार, IRGC ने अपने आधिकारिक मीडिया आउटलेट सेपाह न्यूज़ पर जारी बयान में कहा कि बुधवार रात दो अलग-अलग घटनाओं में दो सुपरटैंकर समेत तीन जहाजों में आग लगी। ये जहाज Strait of Hormuz के दक्षिण में बने उस रास्ते से गुजर रहे थे जिसे ईरान “अवैध और अनधिकृत” मानता है।
बयान के मुताबिक पहली घटना में एक तेल टैंकर समुद्री माइन (Naval Mine) से टकराने के बाद जल उठा। दूसरी घटना में उसी रास्ते से बाहर निकल रहा एक और टैंकर जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में आग लगने के बाद रुक गया। उसकी आग बुझाने के लिए पास पहुंची एक टगबोट भी आग की चपेट में आ गई। IRGC ने यह भी दावा किया कि उसकी नौसैनिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर यूनिट ने दो “घुसपैठिए” ड्रोन को अपने नियंत्रण में लेकर सुरक्षित उतार लिया।
ईरान का अमेरिका पर आरोप
IRGC ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह जहाजों को नियम तोड़ने और माइन वाले रास्ते से गुजरने के लिए उकसा रहा है, जिससे अमेरिकी करदाताओं और पश्चिम एशिया में उसके सहयोगियों पर “बहुत भारी” बीमा लागत का बोझ पड़ रहा है। अल जज़ीरा के मुताबिक IRGC ने चेतावनी दी कि होर्मुज में कानून तोड़ने की कोशिश अमेरिका के आर्थिक नुकसान और राजनीतिक हार को बढ़ाएगी। अल जज़ीरा ने यह भी बताया कि इस बयान पर अमेरिकी पक्ष की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई।
एक हफ्ते में तीसरी बार टैंकरों में आग का दावा
यह कोई अकेली घटना नहीं है। तुर्की की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलु (AA) के अनुसार, 3 नवंबर को IRGC नेवी ने दावा किया था कि तीन तेल टैंकर “अनधिकृत” रास्तों पर चलते हुए समुद्री माइन से टकराए और उनमें आग लग गई। IRGC का कहना था कि उन जहाजों ने अपने नेविगेशन और पहचान सिस्टम बंद कर रखे थे। उससे एक दिन पहले, 2 नवंबर को ईरानी नौसेना ने होर्मुज के पूर्व में “प्रतिबंधित” इलाके में एक टैंकर के माइन से टकराने का दावा किया था। अनादोलु ने भी स्पष्ट लिखा था कि उन घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई।
- 2 नवंबर: ईरानी नौसेना का दावा, एक टैंकर होर्मुज के पूर्व में माइन से टकराया।
- 3 नवंबर: IRGC नेवी का दावा, तीन टैंकर माइन से टकराकर जले।
- 4-5 नवंबर की रात: IRGC का दावा, दो टैंकर और एक टगबोट में आग।
Strait of Hormuz इतना अहम क्यों है?
होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा समुद्री रास्ता है। खाड़ी देशों से निकलने वाला कच्चा तेल और गैस बड़ी मात्रा में इसी रास्ते से दुनिया भर के बाजारों तक पहुंचता है। इसलिए यहां किसी भी तरह की रुकावट या हमले की खबर का असर तेल की कीमतों, शिपिंग बीमा और वैश्विक बाजारों पर तुरंत दिखता है।
पृष्ठभूमि यह है कि अमेरिका और इज़राइल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हमले शुरू किए थे। अल जज़ीरा के अनुसार अप्रैल में संघर्षविराम हुआ, लेकिन जुलाई में वॉशिंगटन और तेहरान के बीच टकराव फिर शुरू हो गया। शिन्हुआ के मुताबिक 28 फरवरी के बाद से ईरान ने इज़राइल और अमेरिका से जुड़े जहाजों के सुरक्षित गुजरने पर रोक लगाकर होर्मुज पर अपनी पकड़ सख्त कर दी है।
होर्मुज संकट का भारत पर क्या असर हो सकता है?
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है और इसमें खाड़ी देशों की बड़ी हिस्सेदारी है। ऐसे में होर्मुज में लगातार तनाव से शिपिंग लागत और बीमा प्रीमियम बढ़ने का खतरा रहता है, जिसका असर आगे चलकर पेट्रोल-डीजल और महंगाई पर पड़ सकता है। हालांकि अभी तक इन ताजा घटनाओं से भारत की तेल आपूर्ति पर किसी आधिकारिक असर की घोषणा नहीं हुई है। कारोबार और तेल बाजार की खबरों के लिए हमारी बिजनेस व आर्थिकी और विदेश व इंटरनेशनल श्रेणी पढ़ें।
FAQ: होर्मुज घटना से जुड़े सवाल
प्रश्न: क्या जहाजों के नाम बताए गए हैं?
उत्तर: नहीं। IRGC ने जहाजों के नाम, क्रू या हताहतों की जानकारी नहीं दी है।
प्रश्न: क्या यह खबर स्वतंत्र रूप से पुष्ट है?
उत्तर: नहीं। फिलहाल यह IRGC का दावा है, जिसे रॉयटर्स (Arab News) और शिन्हुआ ने रिपोर्ट किया है।
स्रोत: Reuters (Arab News), Xinhua, Al Jazeera, Anadolu Agency, Times of Israel। यह रिपोर्ट IRGC के आधिकारिक बयान पर आधारित है; स्वतंत्र पुष्टि होने पर अपडेट की जाएगी।
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