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बौद्ध मठ का पता, बांग्लादेशी चेहरे और भारतीय पासपोर्ट: ग्वालियर के सिमरिया गांव से 17 बने, STF जांच में 70 में 31 रद्द; 66 आरोपी विदेश फरार

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बौद्ध मठ का पता, बांग्लादेशी चेहरे और भारतीय पासपोर्ट: ग्वालियर के सिमरिया गांव से 17 बने, STF जांच में 70 में 31 रद्द; 66 आरोपी विदेश फरार
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📌 खबर के मुख्य बिंदु (Key Highlights):
  • ताजा अपडेट: बौद्ध मठ का पता, बांग्लादेशी चेहरे और भारतीय पासपोर्ट: ग्वालियर के सिमरिया गांव से 17...
  • स्थानीय प्रभाव: घटनाक्रम पर प्रशासन और पुलिस बल की पैनी नजर, स्थिति सामान्य।
  • विस्तृत रिपोर्ट: संपूर्ण विवरण, घटनाक्रम और संबंधित बयानों को नीचे पढ़ें।

ग्वालियर (मध्य प्रदेश)। कागज पर पता—एक शांत बौद्ध विहार। आवेदक—खुद को भारतीय बताने वाले लोग। हकीकत—बांग्लादेश के नागरिक, जिनकी जेब में भारत सरकार का पासपोर्ट पहुँच गया। मध्य प्रदेश STF की जांच ने इस खेल की परतें उधेड़ दी हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर पासपोर्ट विभाग ने फर्जी दस्तावेजों से बने 70 में से 31 पासपोर्ट निरस्त कर दिए हैं। इनमें 17 पासपोर्ट ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र के सिमरिया गांव के पते पर जारी हुए थे। बाकी पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया भी चल रही है।

नाम बदला, पहचान बदली, देश छोड़ दिया

STF की पड़ताल में सामने आया कि आरोपितों ने नाम और पहचान बदलकर भारतीय नागरिकता के फर्जी कागज तैयार कराए और उन्हीं के दम पर पासपोर्ट हासिल कर लिए। सबसे बड़ा झटका यह कि इस मामले में 66 आरोपित अब भी फरार हैं और ज्यादातर भारत छोड़ चुके हैं। पूछताछ में इनके इंडोनेशिया, मलेशिया, म्यांमार और चीन में छिपे होने के सुराग मिले हैं।

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भिक्षु के भेष में मास्टरमाइंड

इस नेटवर्क ने धर्म की आड़ को ढाल बनाया। बांग्लादेशियों के पासपोर्ट बौद्ध मठों के पते पर बनवाए गए। मास्टरमाइंड रियाल चौधरी उर्फ मित्यानंद भिक्षु और उसके तीन बांग्लादेशी साथी पहले ही सलाखों के पीछे हैं। स्थानीय स्तर पर मदद करने वाले गुलाबराय गौतम (उर्फ सम्यक बोधि भंते), गयाप्रसाद गौतम और भोपाल पासपोर्ट सेवा केंद्र के एजेंट नसीम अख्तर को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक 20 हजार के इनामी गुलाबराय को STF ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से पकड़ा था; उसने रियाल चौधरी के कहने पर डबरा के पते पर गवाही देने और तंत्र से साठगांठ कराने की बात कबूली।

BSF अकादमी से 8.5 किमी दूर रची गई स्क्रिप्ट

सिमरिया गांव, टेकनपुर की BSF अकादमी से महज करीब 8.5 किलोमीटर दूर है। रिपोर्टों के अनुसार सभी 17 आवेदकों ने खुद को सिमरिया, सिमरिया टेकरी और बौद्ध विहार का निवासी बताया था और सभी आवेदनों में एक ही मोबाइल नंबर दर्ज था। दस्तावेज 2021-22 में तैयार हुए—फर्जी आधार, पैन, मूल निवासी प्रमाणपत्र और अंकसूची। फिर भी पुलिस वेरिफिकेशन पास हो गया। अब क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, जिला विशेष शाखा (DSB) और डबरा थाने की भूमिका सवालों के घेरे में है।

नागपुर गिरोह से जुड़ रहे तार

महाराष्ट्र के नागपुर में भी इसी तरह फर्जी कागजों से पासपोर्ट बनवाने का मामला पकड़ा गया था। STF अब ग्वालियर-डबरा और नागपुर के मामलों के बीच कड़ियाँ जोड़ रही है। STF के डीआईजी राहुल लोढ़ा के मुताबिक बाकी पासपोर्ट भी निरस्त होंगे; रद्द पासपोर्ट इस्तेमाल होते ही इमिग्रेशन सिस्टम पकड़ लेगा। नागपुर पुलिस से वहां के आरोपितों और उनके तरीके की जानकारी मांगी गई है।

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एक लाइन में: बौद्ध मठ के पते पर बांग्लादेशियों को भारतीय पासपोर्ट—70 में 31 रद्द, 17 डबरा के सिमरिया से, 66 आरोपी विदेश फरार और भिक्षु बना मास्टरमाइंड गिरफ्तार।

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