मुंबई। पहले दोस्ती, फिर शादी का वादा, फिर निजी फोटो-वीडियो और आखिर में उन्हीं को हथियार बनाकर ब्लैकमेल। मुंबई के घाटकोपर लव जिहाद केस में 21 साल की एक हिंदू युवती ने 23 साल के जैद (जाइद) कुरैशी पर यही आरोप लगाए हैं। घाटकोपर पश्चिम पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है, लेकिन आरोपी हाथ नहीं आया है। पूर्व भाजपा सांसद किरीट सोमैया का दावा है कि वह दुबई भाग चुका है।
घाटकोपर लव जिहाद केस: FIR में क्या लिखा है
FIR नंबर 1294/2026 31 अक्टूबर की देर शाम करीब 8 बजे दर्ज हुई। शिकायत के मुताबिक यह सिलसिला जून 2025 के बीच से चल रहा था और घटनास्थल घाटकोपर पश्चिम के असल्फा गांव और एनएसएस रोड का इलाका बताया गया है। युवती के आरोप हैं:
- आरोपी ने दोस्ती की और शादी का वादा किया
- शादी के झांसे में शारीरिक संबंध बनाए और फोटो-वीडियो रिकॉर्ड किए
- सिगरेट से जलाया और कई बार पिटाई की
- अब फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहा है
केस भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 (धोखे या शादी के झूठे वादे पर यौन संबंध), 115(2) (चोट पहुंचाना), 351(2) (आपराधिक धमकी), 352 और 123 के तहत दर्ज किया गया है।
मां पहुंचीं सोमैया के पास, तब हुई FIR
पीड़िता की मां बेटी की हालत देखकर किरीट सोमैया के पास पहुंचीं। सोमैया का कहना है कि उनके दखल के बाद ही पुलिस ने FIR दर्ज की। उन्होंने 31 अक्टूबर को ही सोशल मीडिया पर FIR की जानकारी देते हुए लिखा कि आरोपी ने युवती को धोखा दिया, उसका यौन शोषण किया और अब धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहा है।
1 नवंबर को भाजपा कार्यकर्ताओं ने घाटकोपर पश्चिम थाने के बाहर प्रदर्शन किया। मांग साफ थी कि आरोपी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हो और उसे भारत लाकर गिरफ्तार किया जाए। सोमैया ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मुंबई पुलिस को टैग कर जल्द कार्रवाई की अपील की।
दुबई में छिपा है आरोपी?
आरोपी के दुबई भागने का दावा पीड़ित पक्ष और सोमैया की ओर से किया गया है। पुलिस ने अब तक न इसकी पुष्टि की है और न ही लुकआउट नोटिस जारी होने की जानकारी दी है। अगर आरोपी सच में देश से बाहर है, तो उसे वापस लाने के लिए लुकआउट सर्कुलर, इंटरपोल नोटिस और प्रत्यर्पण जैसी लंबी कानूनी प्रक्रिया अपनानी होगी।
चार महीने में घाटकोपर का तीसरा मामला
सोमैया इससे पहले भी घाटकोपर इलाके में नाबालिग हिंदू लड़कियों को फंसाकर लोनावला के विला ले जाने और ब्लैकमेल करने वाले एक गिरोह का मामला उठा चुके हैं। उनका दावा है कि बीते चार महीनों में घाटकोपर में ऐसे तीन मामले सामने आए हैं। इसी हफ्ते कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी पहचान छिपाकर शादी करने वाले एक पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ केस रद्द करने से इनकार किया था।
पीड़िता को अब किस बात का डर
युवती और उसका परिवार सबसे ज्यादा इस डर में है कि निजी तस्वीरें इंटरनेट पर न आ जाएं। ऐसी सामग्री फैलाने की धमकी देना अपने आप में गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में पीड़िता की पहचान उजागर करना भी कानूनन मना है। पुलिस अब डिजिटल सबूतों और पीड़िता के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी ही इस केस का अगला बड़ा मोड़ होगी।
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