नई दिल्ली (ऑनलाइन समाचार अयोध्या ब्यूरो): देश के लाखों युवाओं और उनके परिवारों के लिए सबसे बड़ा सवाल था कि चार साल की सेवा पूरी होने के बाद अग्निवीर कहां जाएंगे। अब केंद्र सरकार ने इसका जवाब दे दिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को Agnipath Scheme में बड़ा बदलाव मंजूर किया है। इसके तहत मेरिट के आधार पर 25 फीसदी अग्निवीरों को पहले की तरह नियमित नौकरी मिलेगी, जबकि बाकी 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल की दूसरी सेवा अवधि (Second Engagement Period) दी जाएगी। इन दो सालों के बाद इच्छुक और चयन मानदंड पूरे करने वाले सभी अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने का मौका मिलेगा।
फाइल फोटो (प्रतीकात्मक): नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक/अमर जवान ज्योति पर भारतीय सेना के जवान। फोटो: U.S. Army / Wikimedia Commons (Public Domain)।
📌 अग्निवीर फैसले के 4 बड़े बिंदु (Key Highlights):
- 25% को तुरंत पक्की नौकरी: चार साल पूरे होने पर मेरिट के आधार पर 25% अग्निवीर नियमित कैडर में जाएंगे, जैसा योजना में पहले से तय था।
- 75% को 2 साल का एक्सटेंशन: बाकी अग्निवीरों को उनकी इच्छा पर दो साल की दूसरी सेवा अवधि मिलेगी, यानी कुल सेवा 6 साल।
- फिर नियमित सैनिक बनने का रास्ता: दूसरी अवधि के बाद इच्छुक अग्निवीर चयन मानदंड पूरे करने पर रेगुलर सोल्जर के रूप में भर्ती हो सकेंगे।
- ज्यादा वेतन और सेवा निधि: दूसरी अवधि में अधिक पारिश्रमिक, बढ़ा हुआ सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता (Seniority) का लाभ मिलेगा।
अग्निवीर योजना में क्या बदला? CDS ने बताई पूरी तस्वीर
कैबिनेट बैठक के बाद नेशनल मीडिया सेंटर में मीडिया को जानकारी देते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने बताया कि यह फैसला सेनाओं द्वारा किए गए विस्तृत मूल्यांकन के बाद लिया गया है। आकाशवाणी समाचार के अनुसार, यह निर्णय ऐसे समय आया है जब लगभग 18,300 अग्निवीरों का पहला बैच अपनी चार साल की शुरुआती सेवा पूरी करने वाला है।
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, संगठनात्मक जरूरतों और ऑपरेशनल दक्षता के आधार पर किए गए आकलन में अग्निवीरों का प्रदर्शन कौशल, मनोबल, शारीरिक फिटनेस और तकनीकी क्षमता के मामले में “उत्कृष्ट” पाया गया। इसी फीडबैक के आधार पर तीनों सेनाओं की सिफारिश पर बाकी 75 फीसदी अग्निवीरों के लिए दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि को मंजूरी दी गई है। सरकार ने साफ किया है कि अग्निपथ योजना जारी रहेगी।
पहले क्या था नियम और अब क्या होगा?
साल 2022 में शुरू हुई Agnipath Scheme के मूल ढांचे में हर बैच के अधिकतम 25 फीसदी अग्निवीरों को ही चार साल बाद नियमित सेवा में रखने का प्रावधान था। बाकी 75 फीसदी जवानों को सेवा निधि पैकेज के साथ सेना से बाहर आना था। यही बात योजना की सबसे बड़ी आलोचना भी रही। नए फैसले ने 75 फीसदी जवानों की अनिवार्य विदाई वाली व्यवस्था को एक तरह से खत्म कर दिया है।
| बिंदु | पुराना नियम | नया नियम (नवंबर 2026) |
|---|---|---|
| चार साल बाद नियमित नौकरी | अधिकतम 25% | 25% (मेरिट पर) |
| बाकी 75% अग्निवीर | सेवा से बाहर | इच्छा पर 2 साल का एक्सटेंशन |
| कुल अधिकतम सेवा (पहला चरण) | 4 साल | 6 साल |
| 6 साल बाद | लागू नहीं | चयन मानदंड पूरे करने पर नियमित सैनिक |
दूसरी अवधि में अग्निवीर को कितनी सैलरी मिलेगी?
CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार, CDS ने बताया कि दूसरी सेवा अवधि में अग्निवीरों को पहले साल ₹43,500 और दूसरे साल ₹47,500 का निश्चित मासिक पैकेज मिलेगा। इस अवधि में अग्निवीर के सेवा निधि योगदान का 70 फीसदी हिस्सा सरकार देगी। दो साल के एक्सटेंशन के अंत में सेवा निधि की राशि करीब ₹10.92 लाख होगी।
- पहला साल (दूसरी अवधि): ₹43,500 प्रति माह
- दूसरा साल (दूसरी अवधि): ₹47,500 प्रति माह
- सेवा निधि (एक्सटेंशन के अंत में): लगभग ₹10.92 लाख
क्या सभी अग्निवीर अपने आप पक्के हो जाएंगे?
यहां एक बात समझना जरूरी है। सरकार ने “सभी अग्निवीरों के लिए रास्ता” बनाया है, लेकिन यह अपने आप मिलने वाली नौकरी नहीं है। दो शर्तें तय हैं: पहली, अग्निवीर खुद सेवा जारी रखना चाहे; दूसरी, वह तय चयन मानदंड पूरे करे। The Hindu और Times Now की रिपोर्ट के मुताबिक, CDS ने कहा कि प्रदर्शन का मूल्यांकन होगा और जवान की इच्छा भी जरूरी है। चयन मानदंड में शारीरिक फिटनेस और अनुकूलन क्षमता जैसे पहलू शामिल होंगे।
पहला बैच कब पूरा करेगा 4 साल?
Times Now के अनुसार, नौसेना में अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल 21 नवंबर को, वायुसेना में 21 दिसंबर को और थलसेना में 31 दिसंबर को पूरा होगा। यानी नया नियम पहले बैच पर ही लागू होने जा रहा है, जिससे हजारों परिवारों की अनिश्चितता खत्म होगी।
उत्तर प्रदेश और अयोध्या के युवाओं के लिए क्यों अहम?
उत्तर प्रदेश, खासकर पूर्वांचल और अवध क्षेत्र से बड़ी संख्या में युवा सेना भर्ती रैलियों में हिस्सा लेते हैं। अब तक कई अभ्यर्थी केवल चार साल की सेवा के डर से अग्निवीर भर्ती को लेकर असमंजस में रहते थे। नया ढांचा इस डर को काफी हद तक कम करता है, क्योंकि अब लंबी सेवा और नियमित नौकरी का स्पष्ट रास्ता दिखाई देता है। भर्ती और सरकारी नौकरियों से जुड़ी अन्य खबरों के लिए हमारी सरकारी योजनाएं व जॉब्स श्रेणी और राष्ट्रीय समाचार पढ़ें।
FAQ: अग्निवीर एक्सटेंशन से जुड़े सवाल
प्रश्न: क्या 75% अग्निवीर अब बाहर नहीं होंगे?
उत्तर: इच्छुक अग्निवीरों को दो साल का एक्सटेंशन मिलेगा और उसके बाद चयन मानदंड पूरे करने पर नियमित सैनिक बनने का मौका मिलेगा।
प्रश्न: फैसला कब हुआ?
उत्तर: केंद्रीय कैबिनेट ने 4 नवंबर 2026 को इसे मंजूरी दी। आधिकारिक जानकारी PIB की प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध है।
स्रोत: PIB (रक्षा मंत्रालय), आकाशवाणी समाचार, The Hindu, CNBC-TV18, Times Now।
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