नई दिल्ली: एशियन पैरा गेम्स 2026 में इतिहास रचने वाले भारतीय दल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार (5 नवंबर) को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मिले। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के कार्यक्रम के अनुसार शाम करीब 4:30 बजे शुरू हुए इस संवाद कार्यक्रम में पीएम ने खिलाड़ियों से बातचीत की और सभा को संबोधित किया। जापान के आइची-नागोया में हुए इन खेलों में भारत ने अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन किया है।
PMO के आधिकारिक बयान के मुताबिक, भारत के कुल 97 पैरा-एथलीट्स ने 114 पदक जीते, जिनमें 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक शामिल हैं। यह भारत का एशियन पैरा गेम्स में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
खबर की बड़ी बातें (Highlights)
- 97 भारतीय पैरा-एथलीट्स ने जीते 114 मेडल: 30 गोल्ड, 35 सिल्वर, 49 ब्रॉन्ज।
- 2023 हांगझोउ के 108 मेडल (27 गोल्ड) का पिछला रिकॉर्ड टूटा।
- लगातार दूसरी बार 100 मेडल का आंकड़ा पार।
- पैरा-एथलेटिक्स सबसे आगे: अकेले 65 मेडल, जिनमें 22 गोल्ड।
- पीएम मोदी ने इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नई दिल्ली में दल से संवाद किया।
एशियन पैरा गेम्स 2026: भारत का मेडल टैली एक नजर में
| पदक | संख्या |
| स्वर्ण (Gold) | 30 |
| रजत (Silver) | 35 |
| कांस्य (Bronze) | 49 |
| कुल | 114 |
IANS की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 2023 में चीन के हांगझोउ में हुए पिछले संस्करण में 27 स्वर्ण समेत 108 पदक जीते थे। इस बार भारत ने वह रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया और लगातार दूसरे संस्करण में 100 से ज्यादा पदक जीतकर पैरा-स्पोर्ट्स में अपनी बढ़ती ताकत का लोहा मनवाया।
किस खेल में बरसे सबसे ज्यादा पदक?
IANS द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत के पदकों में सबसे बड़ा योगदान पैरा-एथलेटिक्स का रहा। खेलवार प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
- पैरा-एथलेटिक्स: 65 पदक (22 स्वर्ण, 19 रजत, 24 कांस्य)
- पैरा-बैडमिंटन: 16 पदक (3 स्वर्ण, 5 रजत, 8 कांस्य)
- पैरा-स्विमिंग: 11 पदक (3 रजत, 8 कांस्य)
- पैरा-आर्चरी: 6 पदक, जिनमें 3 स्वर्ण
- शूटिंग: 5 पदक (2 स्वर्ण, 2 रजत, 1 कांस्य)
- पैरा-टेबल टेनिस: 7 कांस्य
- पावरलिफ्टिंग: 2 रजत
- जूडो: 2 पदक (1 रजत, 1 कांस्य)
पीएम मोदी के साथ संवाद में कौन-कौन रहा मौजूद?
PMO के अनुसार, इस कार्यक्रम में पदक विजेता और प्रतिभागी खिलाड़ी, उनके कोच, पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अधिकारी, राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधि तथा युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए। The Statesman की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री से उम्मीद थी कि वे खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि पर बधाई देंगे और कोच, सपोर्ट स्टाफ व खेल प्रशासकों के योगदान की सराहना करेंगे।
डीडी न्यूज के मुताबिक यह संवाद कार्यक्रम खिलाड़ियों की उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने का एक अवसर है। प्रधानमंत्री पहले भी ओलंपिक, पैरालंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स के दलों से मिलकर उनका उत्साह बढ़ाते रहे हैं। पेरिस पैरालंपिक 2024 के बाद भी पीएम ने भारतीय पैरा-दल से मुलाकात की थी।
पैरा-स्पोर्ट्स में भारत की लगातार बढ़ती ताकत
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने पैरा-स्पोर्ट्स में जबरदस्त प्रगति की है। टोक्यो और पेरिस पैरालंपिक से लेकर एशियन पैरा गेम्स तक भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन में लगातार सुधार दिखा है। खेल विशेषज्ञ इसके पीछे बेहतर ट्रेनिंग सुविधाओं, सरकारी सहयोग, खिलाड़ियों को मिल रहे अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर और समाज में पैरा-एथलीट्स के प्रति बदलते नजरिए को अहम कारण मानते हैं।
आइची-नागोया में मिली यह ऐतिहासिक सफलता आने वाले लॉस एंजिल्स 2028 पैरालंपिक के लिए भी भारत की उम्मीदों को मजबूत करती है। खासकर पैरा-एथलेटिक्स में 22 स्वर्ण पदक बताते हैं कि भारत इस खेल में एशिया की बड़ी ताकत बन चुका है।
खिलाड़ियों के लिए क्या है इस मुलाकात का मतलब?
प्रधानमंत्री से सीधे संवाद को खिलाड़ी बड़े सम्मान के रूप में देखते हैं। ऐसे कार्यक्रम न सिर्फ पदक विजेताओं का हौसला बढ़ाते हैं, बल्कि देशभर के दिव्यांग युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए भी प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के संबोधन से जुड़े प्रमुख अंश आधिकारिक रूप से जारी होते ही इस खबर को अपडेट किया जाएगा।
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स्रोत: प्रधानमंत्री कार्यालय (pmindia.gov.in), DD News, आकाशवाणी (newsonair.gov.in), IANS एवं The Statesman। फीचर्ड इमेज: पीएम मोदी के साथ भारतीय पैरा-एथलीट्स की फाइल फोटो (PIB/Wikimedia Commons, GODL-India)।
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