WhatsApp Image 2025 12 22 at 4.00.43 PM - 5 गुना इंजेक्शन डोज और मौत, कांग्रेस नेता बोले—निर्मला हॉस्पिटल में यह पहला हादसा नहीं।

5 गुना इंजेक्शन डोज और मौत, कांग्रेस नेता बोले—निर्मला हॉस्पिटल में यह पहला हादसा नहीं।

अयोध्या उत्तर प्रदेश

5 गुना इंजेक्शन डोज और मौत, कांग्रेस नेता बोले—निर्मला हॉस्पिटल में यह पहला हादसा नहीं।

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अयोध्या।

अयोध्या जिले के निर्मला हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक महिला की संदिग्ध मौत अब बड़े विवाद का रूप ले चुकी है। घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

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कांग्रेस नेता शरद शुक्ला ने अस्पताल प्रशासन और आईएमए द्वारा दिए जा रहे, बयानों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उनका दावा है कि 15 दिसंबर को रेफर किए जाने के समय स्वयं डॉक्टर राजेंद्र बनौधा ने लिखित रूप में स्वीकार किया था कि मरीज को इंजेक्शन की ओवरडोज दी गई थी। यही स्वीकारोक्ति अगले दिन स्थानीय पुलिस के सामने भी दोहराई गई, लेकिन बाद में डॉक्टर ने दबाव का हवाला देकर अपना रुख बदल लिया।

कांग्रेस नेता शरद शुक्ला ने यह भी आरोप लगाया कि मैक्स हॉस्पिटल की जिस मृत्यु रिपोर्ट का हवाला अस्पताल दे रहा है, उसके भीतर दर्ज सभी चिकित्सा लक्षण सीधे तौर पर हेपरिन इंजेक्शन की अत्यधिक मात्रा से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि मरीज को सुबह करीब 9 बजे तय मात्रा की जगह पांच गुना अधिक डोज दी गई, जिससे गंभीर जटिलताएं उत्पन्न हुईं। शुक्ला के अनुसार, रिपोर्ट में दर्ज हर लक्षण हेपरिन ओवरडोज के क्लिनिकल संकेतों से मेल खाता है।

कांग्रेस नेता ने पुलिस की कार्यशैली पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अयोध्या पुलिस इस मामले में स्पष्ट रूप से कमजोर दिखाई दे रही है, क्योंकि अस्पताल परिसर में धमकियों और दबाव के बावजूद समय पर एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पुलिस सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला दे रही है, जिसमें जांच रिपोर्ट आने तक एफआईआर में देरी की बात कही गई है, तो आखिर पुलिस कार्रवाई में इतनी ढिलाई क्यों बरत रही है। शरद शुक्ला का कहना है कि निर्मला हॉस्पिटल में यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले भी कई बार इसी प्रकार की अनियमितताओं और लापरवाहियों की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।

दूसरी ओर, मृतका के पुत्र सुनील कुमार कौशल ने अस्पताल प्रशासन के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि डॉक्टर यह साबित करें कि उन्होंने कभी उनसे पैसे की मांग की थी। सुनील के अनुसार, डिस्चार्ज से पहले सभी बिलों का भुगतान उन्होंने कर दिया था, और डॉक्टर ने तीन बजे लिखित रूप में यह स्वीकार किया था कि गलती उनकी है, जिसके बाद परिवार महिला को लेकर लखनऊ गया। अत्यधिक भावुक होते हुए सुनील ने कहा कि यदि पैसे से उनकी मां वापस आ सकती हैं, तो वह अपना खेत, मकान और सारी संपत्ति बेचने को तैयार हैं।

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