1783307334532 - चंपत राय के समर्थन में उतरे अयोध्या के संत बोले , दोष सिद्ध होने से पहले छवि खराब करना ठीक नहीं।

चंपत राय के समर्थन में उतरे अयोध्या के संत बोले , दोष सिद्ध होने से पहले छवि खराब करना ठीक नहीं।

अयोध्या उत्तर प्रदेश

चंपत राय के समर्थन में उतरे अयोध्या के संत बोले , दोष सिद्ध होने से पहले छवि खराब करना ठीक नहीं।

1783307334532 - चंपत राय के समर्थन में उतरे अयोध्या के संत बोले , दोष सिद्ध होने से पहले छवि खराब करना ठीक नहीं।

अयोध्या।

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी प्रकरण और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर होने वाले बड़े फैसले के बीच, रामनगरी के संतों और स्थानीय नागरिकों का एक बड़ा वर्ग चंपत राय के समर्थन में खुलकर सामने आ गया है।

अयोध्या के रंगमहल बैरियर के समीप स्थित ऐतिहासिक राम कचहरी मंदिर (रामकोट) के परिसर में संतों, महंतों और प्रबुद्ध अयोध्या वासियों की एक विशेष आकस्मिक बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक में उपस्थित शीर्ष संतों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करते हुए कहा कि विधिक रूप से जब तक किसी भी व्यक्ति के ऊपर अदालत या जांच एजेंसी द्वारा दोष सिद्ध न कर दिया जाए, तब तक उसे सार्वजनिक रूप से दोषी करार देना या मीडिया ट्रायल करना सर्वथा अनुचित है।

बैठक के दौरान संतों ने चंपत राय के दशकों पुराने संघर्षों को याद करते हुए उन्हें एक महान और त्यागी पुरुष बताया। संतों ने कहा कि चंपत राय ने अपने संपूर्ण जीवन को प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण और राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए पूरी तरह समर्पित कर दिया है, ऐसे में बिना किसी पुख्ता विधिक साक्ष्य और केवल आरोपों के आधार पर उनकी पावन व बेदाग छवि को धूमिल करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, संतों ने दो टूक शब्दों में यह भी मांग की कि श्रीरामलला के पावन चढ़ावे की चोरी में जो भी वास्तविक सिंडिकेट, कर्मचारी या अधिकारी विधिक रूप से दोषी पाए जाएं, उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार और न्यायालय द्वारा सख्त से सख्त और ऐतिहासिक सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसा महापाप करने का दुस्साहस न कर सके।

इस महत्वपूर्ण बैठक में अयोध्या के प्रतिष्ठित संत समाज का प्रतिनिधित्व करते हुए मुख्य रूप से महंत आचार्य सीताराम दास, तपस्वी छावनी के महंत परमहंसाचार्य महाराज, महंत चन्देशु महाराज, महंत शशिकांत दास महाराज तथा महंत सतेंद्र दास वेदांती सहित बड़ी संख्या में नागा साधु, अखाड़ों के प्रतिनिधि और स्थानीय रामकोट क्षेत्र के नागरिक मुस्तैदी से उपस्थित रहे। संतों की इस बैठक के बाद अयोध्या के धार्मिक और सामाजिक हलकों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि ट्रस्ट की आगामी बैठकों में चंपत राय को लेकर संत समाज का रुख काफी नरम और रक्षात्मक रह सकता है।

( फ़ोटो काल्पनिक है )

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