डिलीवरी लेकर पहुंचा तो पुलिस चौकी में धमाका: गाजियाबाद वसुंधरा में शीशा फटा, AC यूनिट संदिग्ध, ATS-FSL जांच में कोई विस्फोटक अवशेष नहीं

ऑर्डर डिलीवर करने पहुंचा था, लौटा सिर में शीशे की चोट के साथ। गाजियाबाद के वसुंधरा पुलिस चौकी में शुक्रवार रात करीब 9 बजे अचानक धमाका हुआ। दीवार में दरार पड़ी, दो खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए और मौके पर मौजूद डिलीवरी बॉय विशाल के सिर में कांच का टुकड़ा लगा। गाजियाबाद वसुंधरा धमाका की खबर फैलते ही ATS, बम स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुंच गईं।

गाजियाबाद वसुंधरा धमाका: चौकी के अंदर डिलीवरी बॉय और सब-इंस्पेक्टर

इंदिरापुरम थाना क्षेत्र की वसुंधरा पुलिस चौकी पुरानी इमारत है। ट्रांस हिंडन जोन के डीसीपी ऋजुल कुमार ने बताया कि विस्फोट के वक्त चौकी में एक सब-इंस्पेक्टर और आर्थला निवासी 20 साल के डिलीवरी कर्मचारी विशाल मौजूद थे। विशाल खाना डिलीवर करने आया था। धमाके से दीवारों में दरार आई और खिड़कियों के शीशे टूट गए। पुलिसकर्मी सुरक्षित रहे, जबकि विशाल शीशे की चपेट में आकर घायल हुआ। उसे सूर्य नगर के निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। डीसीपी का कहना है कि अब वह पूरी तरह स्वस्थ है।

  • जगह: वसुंधरा पुलिस चौकी, इंदिरापुरम थाना, गाजियाबाद
  • समय: 6 नवंबर 2026, करीब रात 9 बजे
  • घायल: डिलीवरी बॉय विशाल, उम्र 20, आर्थला
  • नुकसान: दो खिड़कियों के शीशे टूटे, दीवार में दरार
  • जांच एजेंसियां: ATS, बम निरोधक दस्ते, FSL, लोकल पुलिस

प्राथमिक जांच में विस्फोटक नहीं, AC यूनिट पर शक

डीसीपी ऋजुल कुमार ने शनिवार को एएनआई से कहा कि मौके पर बारूद, विस्फोटक या रासायनिक अवशेष के निशान प्राथमिक जांच में नहीं मिले। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि पहली नजर में AC यूनिट में धमाके का शक है। कुछ रिपोर्टों में दीवाली के पटाखे के AC में घुसने की संभावना भी जताई गई, लेकिन फॉरेंसिक सबूत अभी इसकी पुष्टि नहीं करते। पुलिस पास की सीवर या गैस पाइपलाइन की भी जांच कर रही है। सैंपल आगरा लैब भेजे गए हैं।

सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी का दावा, पुलिस कहती है—जांच जारी

घटना के बाद सोशल मीडिया पर ‘तहरीक-उल-मुजाहिदीन’ नाम से जिम्मेदारी का दावा भी घूमा। डीसीपी ने साफ कहा कि इस दावे की जांच हो रही है और अभी कोई पुष्टि नहीं हुई। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राज करण नायर और एसीपी सूर्यबली मौर्य भी मौके पर पहुंचे। दिवाली की रात पुलिस चौकी में धमाका—चाहे दुर्घटना निकले या साजिश—उत्तर प्रदेश में सुरक्षा की चौकसी फिर चर्चा में आ गई है।

दीवाली की रात चौकी पर तनाव

छोटी दिवाली और नरक चौदस की रात शहर में पटाखों की आवाजें आम हैं, इसलिए शुरुआत में कई लोगों को लगा कि आसपास का पटाखा ही धमाके जैसा सुनाई दिया होगा। लेकिन चौकी की दीवार में दरार और टूटे शीशे ने बात को गंभीर बना दिया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और एसीपी के पहुंचने के बाद इलाका घेर लिया गया। आसपास की दुकानें और रिहायशी ब्लॉक में अफवाहें तेज हो गईं। पुलिस बार-बार कह रही है कि बिना फॉरेंसिक रिपोर्ट के किसी निष्कर्ष पर न जाएं। गाजियाबाद जैसे संवेदनशील एनसीआर इलाके में पुलिस चौकी पर धमाका—चाहे तकनीकी खराबी निकले—सुरक्षा एजेंसियों के लिए चेतावनी जरूर है।

फॉरेंसिक रिपोर्ट आने तक पुलिस किसी एक सिद्धांत पर अड़ी नहीं है। डीसीपी ने दोहराया कि न तो कोई पुलिसकर्मी घायल हुआ और न ही चौकी में आग लगी। विशाल की चोट मामूली बताई गई है, फिर भी एनसीआर में पुलिस चौकी पर धमाके की खबर ने प्रशासनिक अलर्ट जरूर बढ़ा दिया है।

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