लोकसभा चुनाव में खराब परफार्मेंस के चलते मायावती ने उठाया ये बड़ा कदम

नई दिल्ली राजनीति

20190602 221617 - लोकसभा चुनाव में खराब परफार्मेंस के चलते मायावती ने उठाया ये बड़ा कदम

नई दिल्ली

  • लोकसभा चुनाव में खराब परफार्मेंस देने वालों पर बसपा सुप्रीमो मायावती की गाज गिरी है। खराब प्रदर्शन पर उत्तरशामि गुजरात व उड़ीसा के राज्य प्रभारियों को हटा दिया गया है। इसके साथ ही दिल्ली व मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्षों को भी हटाया गया है। दिल्ली में सुरेंद्र सिंह की जगह लक्ष्मण सिंह और मध्य प्रदेश में डीपी चौधरी की जगह रमाकांत पुत्तल को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया है।
  • मायावती इन दिनों दिल्ली में हैं। उन्होंने शनिवार को दिल्ली में ही राज्य प्रभारियों व प्रदेश अध्यक्षों के साथ बैठक बुलाई थी। इसमें राज्यवार लोकसभा चुनाव की स्थितियों की चर्चा की। लोकसभा चुनाव में बसपा को अनुमान से बहुत कम सीटें मिली हैं। बताया जा रहा है कि इसके चलते मायावती काफी नाराज हैं। उन्होंने समीक्षा के दौरान खराब परफार्मेंस पर मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष छट्ठूराम व दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह को हटा दिया है। उत्तर प्रदेश में पार्टी के अध्यक्ष आरएस कुशवाहा को उत्तराखंड राज्य प्रभारी के पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह पर एमएल तोमर को नया प्रभारी बनाया गया है।
  • बसपा सुप्रीमो ने इसके साथ ही उड़ीसा-गुजरात के प्रभारी पद से छट्ठूराम को हटाकर बिहार-झारखंड का प्रभारी बनाया है। मुनकाद अली को राजस्थान प्रभारी पद से हटा दिया गया है। पूर्व सांसद डा. बलिराम को बिहार राज्य के द्वितीय प्रभारी पद से हटाया गया। पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह को झारखंड राज्य प्रभारी पद से हटा दिया गया है। रामअचल राजभर को गुजरात के साथ महाराष्ट्र का प्रभारी बनाया गया है। उनसे बिहार राज्य का प्रभार वापस ले लिया गया है। मायावती ने मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उड़ीसा राज्य प्रभारियों के साथ बैठक कर अपेक्षा से खराब प्रदर्शन की वजहों पर चर्चा की।
  • यूपी के जोन इंचार्ज व जिलाध्यक्षों की बैठक कल
  • मायावती अब सोमवार को यूपी के जोन इंचार्ज व जिलाध्यक्षों के साथ लोकसभा प्रत्याशियों व नवनिवार्चित सांसदों के साथ बैठक करेंगी। बैठक में शामिल होने के लिए सभी को निर्देश भेज दिया गया है। बसपा ने लोकसभा चुनाव 2014 की अपेक्षा 2019 में भले ही बेहतर प्रदर्शन करते हुए 10 सीटें जीती हैं, लेकिन अपेक्षा के मुताबिक गठबंधन को कम सीटें मिली हैं। इसलिए बैठक में संगठन में फेरबदल को लेकर महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है।

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