अयोध्या: बोट की कमी व कर्मियों का टोटा, 6 माह में 80 डूबे, 16 की मौत

#अयोध्या। रामनगरी में विकास के नाम पर करोड़ों रुपये बहाए जा रहे हैं, लेकिन सरयू नदी में डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किया गया है। यहां बचाव के लिए जो संसाधन है वे भी नाकाफी हैं। मोटर बोट की कमी व जल पुलिस कर्मियों का टोटा भी पूरा नहीं किया जा रहा है। नतीजतन अब तक स्नान के दौरान छह महीने में यहां लगभग 80 लोग डूब चुके हैं, जिनमें 16 की मौत हो चुकी है। हालांकि 64 लोगों को बचाया भी गया है।
जल पुलिस द्वारा मिले आंकड़ों की मानें तो बीते छह महीने में करीब 80 लोग स्नान करते समय डूबे। इसका प्रमुख कारण उनका गहरे पानी में जाना रहा। दुखद पहलू यह रहा कि इन डूबने वाले 80 लोगों में 16 काल के गाल में समा गए। इनमें 4 से 5 बच्चे भी शामिल रहे। जल पुलिस के मुताबिक औसतन प्रतिमाह 10 से 12 लोगों के सरयू में नहाते समय डूब रहे हैं, जिनमें अधिकतर को बचा लिया जाता है, जबकि औसतन प्रतिमाह डूबकर मरने वालों की संख्या 2 से तीन बताई गई है।
जल पुलिस निरीक्षक आर पी कुशवाहा का कहना है कि अयोध्या और गुप्तारघाट पर जल पुलिस की तैनाती है, लेकिन वह संसाधनों का संकट झेल रही है। मानक के अनुसार जल पुलिस को यहां कुल 40 प्रशिक्षित जवानों की दरकार है जबकि वर्तमान में मात्र 20 जवान ही हैं। छह मोटरबोट की जगह चार से ही काम चलाना पड़ रहा है। चार जवान गुप्तारघाट पर तैनात किए गए हैं।
जिसके चलते यहां 16 से ही काम चलाना पड़ रहा है। मोटरबोट भी तभी चल पाती है जब दस फिट पानी हो। वजह यह है कि इंजन भारी है जबकि हल्के इंजन वाली बोट होनी चाहिए। लाइफ जैकेट और वायरलेस सिस्टम भी नाकाफी है। इसीलिए रेस्क्यू आपरेशन में स्थानीय गोताखोरों और नाविकों की मदद लेनी पड़ती है।
यहां अधिक होती है डूबने की घटनाएं
1-लक्ष्मण घाट
2-आरती घाट
3-यात्रा घाट
4-पुल के पास
5-राम की पैड़ी, पंप हाउस
इन 2 हादसों ने झकझोरा
9 जुलाई 2021: गुप्तारघाट में आगरा के एक परिवार की महिला को बचाने के चक्कर में 12 लोग डूब गए थे, जिसमें दो दिन तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान 9 लोगों का शव बरामद किया गया था, जबकि तीन लोग बचा लिए गए थे।
5 जून 2022: लखनऊ से अयोध्या घूमने आए 102 हेल्पलाइन के चार कर्मी स्नान के दौरान डूब गए थे, जिनमें से दो लोगों को बचा लिया गया था। इसमें एक युवक लखनऊ का था।
भरतकुंड में भी होने लगे हादसे
पर्यटन स्थल भरतकुंड में डूबने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। इधर, दो माह में कुंड में लगभग तीन लोग की डूबने से मौत हो चुकी है। वहां कई बार शव भी मिल चुके हैं। क्षेत्रवासी बताते हैं कि जब अयोध्या में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है तो यह तो बहुत ही छोटा इलाका है।
वर्जन-
अभी हाल ही में जिलाधिकारी नितीश कुमार व एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय के साथ बैठक कर चर्चा हुई है। लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या व सरयू में हो रही मौतों की समीक्षा की गई थी। श्रद्धालुओं को सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्नान कराया जाए। इसके लिए यूनिसेफ के अधिकारियों के साथ नई योजना तैयार की जा रही है। जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।
– लल्लू सिंह, सांसद, अयोध्या
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